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    लुधियाना में अगवा बच्चे का 4.50 लाख में हुआ था सौदा, 50 रुपये शगुन देकर खिंचवाई फोटो, बठिंडा से 'ओके' होने के बाद कर लिया अगवा

    लुधियाना में अगवा किए गए तीन माह के बच्चे को पुलिस ने 24 घंटे में ही बठिंडा से बरामद कर लिया था। शिमलापुरी की रहने महिला प्रवीण कौर ने बठिंडा के प्रताप नगर में रहने वाली महिला रमनदीप कौर से साढ़े चार लाख रुपये में बच्चे का सौदा किया था।

    By Vinay KumarEdited By: Updated: Sat, 20 Aug 2022 11:13 AM (IST)
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    लुधियाना में अगवा हुए बच्चे का 4.50 लाख में सौदा किया गया था। (जागरण)

    जागरण संवाददाता, लुधियाना : दुगरी के शहीद भगत सिंह नगर से वीरवार सुबह अगवा किए गए तीन माह के बच्चे निहाल को पुलिस ने शुक्रवार सुबह बठिंडा से बरामद कर लिया है। लुधियाना के शिमलापुरी की रहने वाली महिला प्रवीण कौर ने बठिंडा के प्रताप नगर में रहने वाली महिला रमनदीप कौर से साढ़े चार लाख रुपये में बच्चे का सौदा किया था। अगवा करने वाले ने पहले 50 रुपये शगुन देने के बहाने बच्चे के साथ फोटो खिंचवाई और उसे बठिंडा में महिला को भेजा। उसकी स्वीकृति के बाद पांच लोगों ने मिलकर बच्चे को अगवा कर लिया था। 

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    पुलिस ने 24 घंटे में मामले को सुलझाकर दो महिलाओं सहित नौ लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने शुक्रवार दोपहर को मीडिया के सामने बच्चे को उसके स्वजनों साजन कुमार व नेहा को सौंपा। इस दौरान ज्वाइंट कमिश्नर आफ पुलिस (जेसीपी) सिटी नरिंदर भार्गव और जेसीपी रूरल रवचरण सिंह बराड़ ने बताया कि बच्चे के पिता साजन कुमार के बयान के बाद पुलिस की टेक्निकल टीम ने कड़ियों को जोड़ा। बच्चे को अगवा करने की मुख्य साजिशकर्ता शिमलापुरी की रहने वाली प्रवीन कौर है। इसमें दुगरी का वरिंदर चौधरी, डाबा का इंद्रपाल सिंह, राम सिंह, शिमलापुरी का सोनू कुमार, रविंदर रवि, संजय मिश्रा और बठिंडा के प्रताप नगर की रमनदीप कौर व उसका पति सुरिंदर सिंह शामिल थे। 

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि  रमनदीप कौर की बहन की शादी लुधियाना में हुई है। वह उसके माध्यम से प्रवीन कौर के संपर्क में आई थी। रमनदीप ने प्रवीन से बच्चा लेने के बारे में बात की थी। इसके बाद उसने साजिश रची। उससे ब्याज पर रुपये लेने वाले वरिंदर चौधरी से बात की। वरिंदर पिछले करीब एक माह से बच्चे की तलाश कर रहा था। उसे साजन कुमार जो एक माह पहले ही उत्तर प्रदेश के हरदोई से लुधियाना आया है और बेहड़े में रह रहा है, उसके बारे में पता चला। वरिंदर ने साजन के साथ नजदीकी बढ़ाई और बेहड़े में उसके पास आने-जाने लगा। एक दिन उसने बच्चे को 50 रुपये शगुन दिया और अपने साथ बच्चे की मोबाइल से फोटो खिंचवाई। यह फोटो प्रवीन कौर ने रमनदीप को बठिंडा भेजी। वहां बच्चे को पंसद किए जाने के बाद साजिश के तहत उक्त लोगों ने बच्चे को बेहड़े में घुसकर अगवा कर लिया और बठिंडा ले गए। 

    वरिंदर 50 हजार रुपये के लिए बना था साजिश का हिस्सा

    पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपित वरिंदर चौधरी ने केवल 50 हजार रुपये के लिए बच्चे को अगवा किया था। प्रवीण ने उसे वारदात के बाद यह रकम देनी थी। वरिंदर ने इस काम के लिए इंद्रपाल सिंह, राम सिंह, सोनू कुमार, संजय मिश्रा को साथ मिलाया था। बच्चे को अगवा करने के बाद यह लोग दो मोटरसाइकिल पर भागे थे। एक मोटरसाइकिल पर दो औ दूसरे पर तीन लोग सवार थे। वारदात के बाद यह सभी डेहलों में इकट्ठा हुए और वहां से सोनू बच्चे को लेकर बठिंडा चला गया। 

    बठिंडा से सिरसा पहुंचाना था बच्चा, अपहरण को रखा था राज

    बठिंडा की रमनदीप कौर के रिश्तेदार हरियाणा के सिरसा में रहते हैं। उनकी अपनी संतान नहीं है। अगवा बच्चे को बठिंडा से सिरसा उनके पास पहुंचाया जाना था। बच्चे को अगवा करने के बारे में प्रवीन और उसके साथियों ने रमनदीप को कुछ नहीं बताया था। अगवा करने के बाद सोनू कुमार बच्चे का पिता बना और रायकोट से टैक्सी लेकर बच्चे को लेकर बठिंडा पहुंचा था। यहां उसे साढ़े चार लाख रुपये दिए जाने थे। 

    सीसीटीवी कैमरों में दिखे थे आरोपित, वहीं से जुड़ती गई कड़ियां

    वीरवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे बच्चे को अगवा करने के बाद पांच अधिकारियों की अगुआई में पुलिस की आठ टीमें उसकी तलाश में जुटी थीं। पुलिस को बच्चे को लेकर भागते पांच आरोपितों की तस्वीरें सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में मिली थीं। इसके बाद पुलिस की टेक्निकल टीम आरोपितों के भागने की कड़ियों को जोड़ती गई और इंद्रपाल, राम सिंह और रविंदर सिंह रवि को शिमलापुरी से काबू कर लिया था। इनके हाथ आने के बाद बाकी की साजिश से पर्दा उठ गया। 

    जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण ने मेरे घर भेजे लड्डू गोपाल : मां नेहा

    तीन माह का निहाल, साजन कुमार और नेहा का इकलौता बच्चा है। उसके अगवा होने के बाद नेहा सुधबुध खो बैठी थी। जब पुलिस ने शुक्रवार दोहपर को बच्चा उसे सौंपा तो उसकी खुशी का ठिकाना नहीं था। अपने जिगर के टुकड़े को गोद में लेते ही उसने कहा, भगवान श्रीकृष्ण ने जन्माष्टमी पर उसके घर लड्डू गोपाल को भेजा है।