विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 14, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

खन्ना पुलिस के हत्थे चढ़ा नकली डीएसपी, नौकरी लगवाने का झांसा दे ठगे लाखों रुपये; आइडी कार्ड व वर्दी बरामद

By Vinay KumarEdited By:
Published: Fri, 14 Oct 2022 05:28 PM (IST)

खन्ना पुलिस ने नकली डीएसपी को गिरफ्तार किया है। आरोपित लोगों को नौकरी का झांसा देकर लाखों रुपये ठगता था। ...और पढ़ें

खन्ना पुलिस ने नकली डीएसपी को गिरफ्तार किया है।
खन्ना पुलिस ने नकली डीएसपी को गिरफ्तार किया है।

जागरण संवाददाता, खन्ना। खन्ना पुलिस ने जाली डीएसपी बनकर नौकरी का झांसा दे रुपये ऐंठने के आरोप में एक खन्ना निवासी युवक को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से डीएसपी का जाली आई कार्ड और वर्दी भी बरामद की गई है। आरोपित के खिलाफ माछीवाड़ा थाना में मामला दर्ज करते हुए उससे पूछताछ शुरू कर दी है। उसकी पहचान दीपप्रीत सिंह उर्फ चीनू निवासी मकान नंबर 144 वार्ड नंबर 10 मोहल्ला इंद्रपुरी ललहेड़ी रोड खन्ना थाना जिला लुधियाना के रूप में हुई है। 

एसपी (आइ) डा. प्रज्ञा जैन ने बताया कि माछीवाड़ा थाना में शिकायतकर्ता लखविंदर सिंह पुत्र विद्या सिंह, निवासी ग्राम धनूर, थाना माछीवाड़ा साहिब ने बयान दर्ज कराया कि वह नौकरी की तलाश में था तो उसके गांव के राज सिंह ने उसे बताया कि वह एक डीएसपी को जानता है, जो पुलिस विभाग में है तथा उसे पुलिस में कांस्टेबल भर्ती करवा सकता है।
19 जनवरी 2022 को राज सिंह के कहने पर उसने दीपप्रीत सिंह से माछीवाड़ा साहिब की कचहरी में मुलाकात की, जिन्होंने उसे बताया कि वह सीआइए स्टाफ खन्ना में डीएसपी है और उसने उन्हें अपना डीएसपी का आई कार्ड भी दिखाया। वहां पर और लोग भी भर्ती होने के लिए आए हुए थे। फर्जी डीएसपी बने दीपप्रीत सिंह ने लखविंदर सिंह और अन्य लोगों को पंजाब पुलिस विभाग में कांस्टेबल के रूप में शामिल होने के लिए प्रति व्यक्ति 3/3 लाख रुपये देने के लिए कहा।

जिसपर उसने तथा अन्य लोगों ने 20-20 हजार टोटल 1 लाख रुपये इकठ्ठा करके दीपप्रीत सिंह दे दिए और फर्जी दीपप्रीत ने 20 मार्च 2022 तक उन्हें पंजाब पुलिस विभाग में कांस्टेबलों की भर्ती के सबंध में एक हलफनामा भी दिया। इसी तरह कथित आरोपित दीपप्रीत सिंह ने लखविंदर सिंह और अन्य से 18/18 हजार रुपये गूगल-पे के माध्यम से प्राप्त किए और 4 मई 2022 को 38/38 हजार और लेते हुए उन्हें 2 जून 2022 तक पुलिस में भर्ती करवाने सबंधी एक हलफनामा समराला कचहरी से दिया।

फर्जी डीएसपी दीपप्रीत सिंह ने लखविंदर सिंह आदि को भर्ती करवाने सबंधी फोन पर मेल भी किए और भर्ती के संबंध में ज्वाइनिंग लेटर और पीएमटी पर्ची भी दी गई, लेकिन कथित आरोपित दीपप्रीत सिंह ने उसे तथा अन्य को ना तो पंजाब पुलिस विभाग में भर्ती कराया और न ही उन सभी से लिए पैसे वापस किए। इसी दौरान उन्हें पता चला कि कथित आरोपी दीपप्रीत सिंह उर्फ चीनू असल में डीएसपी है ही नहीं है और इसी तरह लोगों को ठगता है। जिस पर उसने तथा अन्य ने दीपप्रीत सिंह और उसके अज्ञात साथियों के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी। 

धंधे में जुड़े अन्य आरोपितों को भी किया जाएगा गिरफ्तार

एसपी प्रज्ञा जैन ने आगे बताया कि इस मामले को लेकर उन्होंने डीएसपी समराला वरियाम सिंह खैहरा तथा माछीवाड़ा एसएचओ विनोद कुमार के नेतृत्व में एक टीम का गठन करते हुए मामले की जांच की और जांच के बाद कथित आरोपी फर्जी डीएसपी दीपप्रीत सिंह को गिरफ्तार करते हुए उसके पास से डीएसपी का फर्जी आइडी कार्ड, 10 हजार रुपये और डीएसपी रैंक की वर्दी बरामद की। डीएसपी प्रज्ञा जैन ने कहा कि कथित आरोपी को माननीय न्यायालय से पुलिस रिमांड प्राप्त कर गहन पूछताछ की जाएगी और उसके इस धंधे में उसके साथ जुड़े उसके अन्य साथियों का पता करते हुए उन्हें भी शीघ्र गिरफ्तार कर लिया जाएगा। 

युवाओं को चौकस रहने की सलाह

एसपी प्रज्ञा जैन ने युवा लड़के-लड़कियों से अपील की है कि पंजाब पुलिस में भर्ती होने के लिए किसी भी अज्ञात व्यक्ति को कोई पैसा नहीं दिया जाना चाहिए, क्योंकि पंजाब पुलिस विभाग में भर्ती प्रक्रिया पूर्ण और निष्पक्ष है। यदि कोई अज्ञात व्यक्ति पंजाब पुलिस विभाग में भर्ती के संबंध में किसी व्यक्ति से पैसे की मांग करता है, तो इस संबंध में खन्ना पुलिस को सूचित किया जाना चाहिए ताकि ऐसे धोखेबाजों से बचा जा सके।