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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 20, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

United Kingdom के साथ Free Trade Agreement दोनों देशों के लिए फायदेमंद: एमपी संजीव अरोड़ा

By Jagran NewsEdited By: Nidhi Vinodiya
Published: Wed, 20 Dec 2023 04:07 PM (IST)

अरोड़ा ने ब्रिटेन के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) की स्थिति और इसे अंतिम रूप देने में मुख्य बाधाओं के ...और पढ़ें

United Kingdom के साथ Free Trade Agreement दोनों देशों के लिए फायदेमंद
United Kingdom के साथ Free Trade Agreement दोनों देशों के लिए फायदेमंद

जागरण संवाददाता, लुधियाना। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने राज्यसभा के चल रहे शीतकालीन सत्र में यूके के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) पर एक सवाल का जवाब दिया है। यह सवाल लुधियाना से सांसद (राज्यसभा) संजीव अरोड़ा ने पूछा था।

अब तक 12 दौर की हो चुकी वार्ता

अरोड़ा ने ब्रिटेन के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) की स्थिति और इसे अंतिम रूप देने में मुख्य बाधाओं के बारे में पूछा था। अपने जवाब में मंत्री ने कहा कि भारत और यूके 13 जनवरी, 2022 से मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर बातचीत कर रहे हैं। अब तक 12 दौर की वार्ता हो चुकी है और 13वें दौर की वार्ता 18 सितंबर 2023 को शुरू हुई थी। अपने उत्तर में आगे उल्लेख करते हुए, मंत्री ने कहा कि बातचीत अच्छी तरह से आगे बढ़ी है, और दोनों पक्ष निष्पक्ष, न्यायसंगत और पारस्परिक रूप से लाभप्रद व्यापार समझौते पर काम करने के लिए गर्मजोशी से लगे हुए हैं, जो दोनों पक्षों की महत्वाकांक्षाओं और संवेदनशीलताओं को ध्यान में रखता है।

निर्यात वार्ता के लिए आर्थिक एकीकरण पर भरोसा कर रही सरकार

हस्ताक्षरित होने पर, भारत-यूके एफटीए भारत के दूसरे सबसे बड़े व्यापार भागीदार, यूरोपियन यूनियन (ईयू) के साथ एक समझौते के लिए एक टेम्पलेट के रूप में काम करेगा। जापान, दक्षिण कोरिया और आसियान देशों के साथ बढ़ते घाटे को देखते हुए पूर्व की ओर देखो नीति को तोड़ते हुए, सरकार निर्यात वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए पश्चिमी और अफ्रीकी देशों के साथ आर्थिक एकीकरण पर भरोसा कर रही है।

भारत के साथ व्यापार समझौता UK के लिए महत्वपूर्ण

भारत के साथ व्यापार समझौता यूके के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि सत्तारूढ़ कंजर्वेटिवों को 2025 की शुरुआत में एक कठिन चुनाव का सामना करना पड़ेगा। ब्रेक्जिट के लिए वोट देने वाली असुरक्षाएं एक कारण है कि यूके एफटीए के तहत भारतीय सेवा क्षेत्र के श्रमिकों को वर्क परमिट देने में झिझक रहा है- हालांकि, भारतीय बाजार का आकार और क्षमता लंदन को यूरोपीय एकल बाजार तक पहुंच के नुकसान की भरपाई करने का एक तरीका प्रदान करती है।

कपड़ा निर्यात को पुनर्जीवित कर सकता है

भारत के परिधान और रत्न एवं आभूषण जैसे श्रम प्रधान क्षेत्रों की बाजार हिस्सेदारी में पिछले पांच वर्षों में भारी गिरावट देखी गई है। भारतीय कपड़ा निर्यात को ब्रिटेन में 10% तक ऊंची टैरिफ दरों का सामना करना पड़ता है। एक व्यापार समझौता भारत को बांग्लादेश जैसी प्रतिस्पर्धा के बराबर खड़ा कर सकता है और कपड़ा निर्यात को पुनर्जीवित कर सकता है।

अरोड़ा ने उम्मीद जताई कि दोनों देशों के बीच मुक्त व्यापार समझौता पूरा होने पर पंजाब समेत देश के लगभग सभी राज्यों को फायदा होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि एफटीए से पंजाब के उद्योग और अर्थव्यवस्था को एक और बढ़ावा मिलेगा।