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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 10, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Punjab Congress: राहुल गांधी के करीबी आशु काे कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर कांग्रेस ने खेला बड़ा दांव, जानिए कैसे

By Vipin KumarEdited By:
Published: Sun, 10 Apr 2022 06:59 AM (IST)Updated: Sun, 10 Apr 2022 12:33 PM (IST)

Bharat Bhushan Ashu भारत भूषण आशु की हिंदू वर्ग में अच्छी पकड़ है। पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले जब सिद्धू ...और पढ़ें

Bharat Bhushan Ashu आशु गांधी परिवार के करीबी माने जाते हैं। (फाइल फाेटाे)
Bharat Bhushan Ashu आशु गांधी परिवार के करीबी माने जाते हैं। (फाइल फाेटाे)

आनलाइन डेस्क, लुधियाना। कांग्रेस हाईकमान ने लुधियाना से पार्टी के पूर्व विधायक और कैबिनेट मंत्री रहे भारत भूषण आशु काे कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर बड़ा दांव खेला है। पार्टी ने आशु को प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर हिंदू वर्ग को भी अपने साथ जोड़े रखने का काम किया है। आशु गांधी परिवार के करीबी माने जाते हैं। राहुल गांधी से उनकी काफी नजदीकी है।

आशु विधानसभा चुनाव हार गए हैं, लेकिन वह भी तेजतर्रार नेताओं में गिने जाते हैं। लुधियाना में अच्छी पकड़ रखने के साथ ही हिंदू वर्ग में भी उनकी अच्छी पहचान है। उल्लेखनीय है कि विधानसभा चुनाव से पहले जब नवजोत सिद्धू को कांग्रेस ने प्रदेश अध्यक्ष बनाया था तो उनके साथ चार प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष भी लगाए गए थे। वह फार्मूला कामयाब नहीं हुआ और इस कारण पार्टी ने इस बार केवल एक प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष की नियुक्ति की है।

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चन्नी सरकार में डिप्टी सीएम बनाने पर भी चला था नाम

कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस्तीफे के बाद चन्नी सरकार में भारत भूषण आशु का नाम डिप्टी सीएम के लिए भी चला था। यही नहीं शहर के अन्य फेसबुक व वाट्सएप ग्रुपों में भी आशु को डिप्टी सीएम बनाए जाने पर बधाइयों का दौर शुरू हो गया था। गाैरतलब है कि भारत भूषण आशु कार्यवाहक मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के करीबी थे।

2022 का विधानसभा चुनाव हारे

भारत भूषण आशु का जन्म 20 मार्च 1971 काे हुआ था। पहली बार वह 1997 में कौंसलर बने थे। तीन बार पार्षद रहे। 2012 तक नगर निगम में बतौर पार्षद रहे। 2012 में कांग्रेस ने उन्हें लुधियाना पश्चिमी से टिकट दी और विधायक बने। कांग्रेस विपक्ष में थी तो पार्टी उन्हें कांग्रेस विधायक दल का उप नेता बनाया। हालांकि 2022 में वह विधानसभा चुनाव हार गए। हालांकि इस बार कांग्रेस लुधियाना की सभी सीटें हार गई है।