पांच वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म, हत्या कर बेड बॉक्स में डाला शव; अदालत ने दी फांसी की सजा
लुधियाना की एक स्थानीय अदालत ने 5 वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या के दोषी को फांसी की सजा सुनाई है। दोषी की पहचान उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के गांव टेसाही बुजुर्ग के रहने वाले 28 वर्षीय सोनू सिंह के रूप में हुई है। अदालत ने गवाही के आधार पर फैसला सुनाते हुए उसे बिना किसी संदेह के दोषी ठहराया।

संवाद सहयोगी, लुधियाना। पांच वर्षीय बच्ची को अपने कमरे ले जाकर उससे दुष्कर्म के बाद हत्या के दोषी को स्थानीय अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है। उसकी पहचान उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के गांव टेसाही बुजुर्ग के रहने वाले 28 वर्षीय सोनू सिंह के रूप में हुई है। दोषी ने बच्ची की हत्या के बाद उसका शव घर के बेड में छिपा दिया था।
अदालत ने सीसीटीवी फुटेज और डीएनए रिपोर्ट सहित 16 लोगों की गवाही के आधार पर 58 पृष्ठों में फैसला सुनाते हुए उसे बिना किसी संदेह के दोषी ठहराया। उसे फांसी के अलावा 5,50,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि जुर्माने की राशि में से पांच लाख रुपये पीड़िता के परिवार को मुआवजे के रूप में दिए जाएंगे।
बच्ची की गला घोंटकर कर दी थी हत्या
अदालत ने फैसले में कहा कि पांच साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या से अधिक जघन्य अपराध नहीं हो सकता, जो यह समझने में असमर्थ थी कि जब वह खेलने के बहाने अपराधी के पास गई तो क्या होने वाला है। उसे इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि उसे दस रुपये का चाकलेट देने वाला व्यक्ति इसके बदले में उसकी इज्जत और जान ले लेगा।
यह दोषी की शैतानी प्रवृत्ति को दर्शाती है, जिसने एक शिकारी की तरह व्यवहार किया और अपनी कामुक इच्छा को संतुष्ट करने के लिए पीड़िता के साथ क्रूरता की। इसके बाद खुद को बचाने के लिए बच्ची की गला घोंटकर हत्या कर दी और शव को बेड बाक्स में फेंक कर भाग गया।
समाज के लिए ऐसे अपराधी खतरा
वास्तव में, ऐसे अपराधी समाज के लिए खतरा हैं और इन्हें सुधारा और पुनर्वासित नहीं किया जा सकता। इस न्यायालय का दृढ़ मत है कि वर्तमान मामला दुर्लभतम मामलों के दायरे में आता है, इसलिए दोषी को मृत्युदंड की सजा दी जाती है। इससे पहले, नरमी बरतने की दलील देते हुए दोषी ने कहा कि वह गरीब, अविवाहित, अनाथ है और उसका कोई परिवार नहीं है। घटना के समय वह नशे में था।
यह है मामला
28 दिसंबर, 2023 को सोनू सिंह बच्ची को चाकलेट दिलाने के बहाने तब अपने साथ ले गया, जब वह बाहर बच्चों के साथ खेल रही थी। वह उसे कमरे में ले गया और उससे दुष्कर्म करने के बाद पकड़े जाने के डर से उसकी हत्या कर शव को कमरे में पड़े बेड बाक्स में डाल दिया।
इसके बाद कमरे को ताला लगाकर फरार हो गया। शाम तक बच्ची जब घर नहीं पहुंची तो परिवार ने पहले अपने स्तर पर ढूंढ़ा, फिर पुलिस को शिकायत दी। बाद में इलाके में लगे सीसीटीवी में सोनू बच्ची को अपने साथ लेकर जाता दिखाई दिया। पुलिस जब उसके कमरे में पहुंची तो ताला लगा हुआ था।
पुलिस ने ताला तोड़कर जब तलाशी ली तो बच्ची का शव बेड बाक्स से बरामद हुआ। बाद में पुलिस ने सोनू को भी गिरफ्तार कर लिया। सुबूत के लिए पुलिस ने सीसीटीवी के अलावा दोषी का डीएनए टेस्ट भी करवाया था।
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