Diwali 2022: भगवान महावीर से भी है दिवाली का संबंध, भक्तों को दिया था अंतिम संदेश
जैन धर्म के लोग भी दिवाली का पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाते हैं। जैन मान्यतानुसार इसका संबंध भगवान महावीर के निर्वाण से है। जैन धर्म के अनुसार दीपावली जन्म और मरण के च्रक पर विजय प्राप्त करवाने वाला पर्व है।

आनलाइन डेस्क, लुधियाना। दिवाली का त्योहार 24 अक्टूबर को बड़ी ही श्रद्धा और धूमधाम से मनाया जाएगा। इस दिन मां लक्ष्मी, भगवान कुबेर और भगवान श्रीराम की पूजा का विधान है। पर क्या आप जानते हैं दिवाली का त्योहार भगवान महावीर से भी जुड़ा हुआ है। यही वजह है कि जैन धर्म के लोग भी दीप और रोशनी का त्योहार दिवाली बड़े ही धूमधाम से मनाते हैं। दरअसल, दिवाली के दिन ही भगवान महावीर को निर्वाण प्राप्त हुआ था।
दो दिनों तक लोगों को दिया था धर्म संदेश
जैन मान्यतानुसार इसका संबंध भगवान महावीर के निर्वाण से है। निर्वाण का अर्थ है 'मुक्ति'। अपना अंतिम समय जानकर भगवान महावीर स्वामी ने दो दिनों तक लोगों को धर्म संदेश दिया था। उसी दिन में उन्होंने मोक्ष प्राप्त किया। लोगों ने उसी दिन से दीपमाला कर इस त्योहार को मनाया। इस दिन जैन धर्म के लोग भगवान महावीर की पूजा करके उनके त्याग व तपस्या को याद करते हैं।
निर्वाण लड्डू का चढ़ता है प्रसाद
इस दिन, जैन मंदिरों में खास निर्वाण लाडू बनाकर महावीर भगवान को अर्पित किया जाता है। इसका अर्थ होता है 'जिसका न आरंभ है न ही अंत'। लड्डू बनाते समय बूंदी को अच्छी तरह फ्राई करके उसमें चाशनी डाली जाती है।
विश्व जैन कंगारु, विनोद जैन सीएचई, अरिदमन जैन, मनोज जैन टयूडर, जितेंद्र जैन ने कहा कि जैन मान्यतानुसार दीवाली के दिन ही भगवान महावीर का निर्वाण हुआ था। उसी दिन गौतम प्रसादी को केवल ज्ञान की प्राप्ति हुई थी।इस दिन भगवान महावीर ने लगातार दो दिन तक जनता को अपना उपदेश दिया था।
जैन ग्रंथों के मुताबिक महावीर भगवान ने दीवाली के दिन मोक्ष जाने से पहले आधी रात को आखिरी बार उपदेश दिया था, जिसे “उत्तराध्ययन सूत्र” के नाम से जाना जाता है।
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