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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 05, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

रेलवे के निजीकरण के खिलाफ प्रदर्शन किया

By JagranEdited By:
Published: Fri, 05 Jun 2020 02:35 AM (IST)

रेलवे के काम को निजीकरण करने के खिलाफ वीरवार को एनआरएमयू के सदस्यों ने गेट रैली की। र

रेलवे के निजीकरण के खिलाफ प्रदर्शन किया
रेलवे के निजीकरण के खिलाफ प्रदर्शन किया

जागरण संवाददाता, लुधियाना : रेलवे के काम को निजीकरण करने के खिलाफ वीरवार को एनआरएमयू के सदस्यों ने गेट रैली की। रैली में पहुंचे सभी सदस्यों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया और सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। मीटिग की अगुवाई करते हुए कामरेड अमृत सिंह ने रेलवे को प्राइवेट हाथों में सौंपने की कड़ी निदा की। उन्होंने कहा कि सरकार के इस फैसले का रेल से जुड़ा हर परिवार बहिष्कार कर रहा है। इस मौके पर कुलविदर सिंह ग्रेवाल ने बताया कि अगर सरकार ने रेल को निजी हाथों में देने का फैसला रद और रेल कर्मचारियों की मांगों को न माना तो यूनियन इस लड़ाई को और तेज करेगी। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के दौरान भी रेल कर्मचारियों लगातार ड्यूटी पर तैनात रहे और माल गाड़ियों जैसी अनेकों गाड़ियों को इन्होंने चलाया। इसका फल सरकार ने चार प्रतिशत डीए रोक कर दिया है जोकि धक्केशाही है। कामरेड घनश्याम ने भी सरकार की नीतियों को गलत बताया और कहा कि दिन रात रेल के लिए काम करने वाले कर्मचारियों के हकों को दबाया जा रहा है। घनश्याम ने बताया कि सालों से रेल के साथ जुड़े कर्मचारियों और उनके परिवार के के बारे में सरकार को सोचना चाहिए। इस मौके पर यूनियन के गौरव शर्मा ने कहा कि हमारी यूनियन हमेशा रेल कर्मचारियों के हकों के लिए लड़ती रही है और अब भी यह सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ चुप नहीं रहने वाली। मौके पर यूनियन के गौरव शर्मा, कामरेड अशोक कुमार, राजेश बग्गा, सुनील बजाज, परविदर सिंह घरचा, राजकुमार सूद, राजेश गुप्ता, प्रदीप गुप्ता मौजूद रहे।