जेएनएन, श्री माछीवाड़ा साहिब [लुधियाना]। एक युवती को उसकी विधवा मां ने काफी मुश्किलें सहकर पढ़ाया-लिखाया। उसे उम्मीद थी कि बेटी परिवार का सहारा बनेगी। बीएड कर रही बेटी ने नौकरी के लिए काफी जद्दोजहद की, लेकिन उसे निराशा ही हाथ लगी। परिवार की दशा देकर वह टूट गई और हताशा में जहर खाकर जान दे दी।

घटना जिले के माछीवाड़ा ब्लॉक के गांव सिकंदरपुर की है। गरीब और विधवा मां की बेटी मनप्रीत कौर रोपड़ के बेला कॉलेज से बीएड कर रही थी। उसने अपनी पढ़ाई का खर्च उठाने और मां को आर्थिक तंगी से निकालने के लिए कई जगह नौकरी के लिए आवेदन किया था, लेकिन उसे निराशा ही हाथ लगी। इससे वह परेशान रहती थी।

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मनप्रीत की मां छिंदर कौर ने बताया कि वह खेतों में काम करने चली गई थी। मनप्रीत की चार छोटी बहनें व छोटा भाई घर से बाहर थे। इसी दौरान मनप्रीत कौर ने कोई जहरीली वस्तु निगल कर खुदकुशी कर ली।

टीचर बनना चाहती थी मनप्रीत

मां छिंदर कौर ने बताया कि मनप्रीत पढ़ लिखकर टीचर बनना चाहती थी और परिवार को गरीबी से निकालना चाहती थी। उन्होंने बेटी को मजदूरी कर बड़ी मुश्किल से बारहवीं तक पढ़ाया था। इसके बाद मनप्रीत ने पटियाला यूनिवर्सटिी से एक कोर्स भी किया था और अब बेला कॉलेज से बीएड कर रही थी। उसने नौकरी के लिए कई जगह अप्लाई भी किया, लेकिन कहीं भी नौकरी नहीं मिली ताे वह निराश हो गई।

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इस संबंध में एसएचओ रविंदर कौशल ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। लोगों ने सरकार से मनप्रीत कौर के परिवार की आर्थिक मदद की मांग की है।

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Posted By: Sunil Kumar Jha

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