जागरण संवाददाता, लुधियाना। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शुक्रवार को लुधियाना की पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी में किसान मेले का उद्घाटन किया। इस मौके संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कृषि अफसरों से कहा कि किसानों की समस्याओं को हल करने के लिए उन्हें एसी कमरों से बाहर निकल कर खेतों में जाना होगा। उन्हें समस्याओं और हल के बीच अंतर को समाप्त करना होगा।

इस मौके मुख्यमंत्री कटाक्ष करते हुए बोले कि पीएयू के एक अफसर ने अपने संबोधन में किसानों से कहा कि किसी भी समस्या को हल करने के लिए हम बैठे हैं। सीएम ने कहा कि आप खेतों में जाएं और उनका इंतजार न करें। किसान के खेत में सुंडी लग जाए और लुधियाना विशेषज्ञों के पास पहुंचे, तब हल ढूंढा जाएगा। तब तक किसान खत्म हो जाएगा। यूनिवर्सिटी को ही खेतों और समस्याओं के पास जाना होगा।

अपनी जमीन में रिसर्च करें यूनिवर्सिटी

मुख्यमंत्री ने कृषि अफसरों से कहा कि किसी भी नई फसल या समस्या का हल करने के लिए किसान को न कहें। किसान खुद तजुर्बा या जोखिम नहीं लेना चाहता। यूनिवर्सिटी अपनी जमीन में रिसर्च करें और फिर किसानों को समझाएं।

सीएम मान ने कहा कि एफसीआइ ने यह कहते हुए धान खरीदने से हाथ खड़े किए हैं कि उनके पास 5 साल का धान है। जब देश में अन्न संकट था तो हमसे धान पैदा करवाया और अब दूसरे राज्यों का रुख कर रहे हैं। सेंट्रल पूल में पंजाब सबसे ज्यादा धान देता है। यदि किसानों को धान पैदा करने से रोकना है तो केंद्र को एमएसपी देना ही होगा।

पराली निपटारन के लिए जल्द खुलेगा प्लांटः सीएम

सीएम मान ने कहा कि पराली पंजाब की सबसे बड़ी समस्या है। इसके निपटारन के लिए बायोगैस प्लांट लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि लहरागागा में एक प्लांट जल्द शुरू हो जाएगा। इस प्लांट में कुछ अड़चने थी, जो सरकार ने समाप्त कर दी है। एक दिन में 33 टन पराली इसमें उपयोग होगी। उन्होंने कहा कि कृषि के लिए किसान जो पालिसी कहेंगे, उस पर ही सरकार उनके साथ चलेगी।

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Edited By: Deepika