लुधियाना, जेएनएन। पंजाबी फिल्मों के वर्सेटाइल अभिनेता सतीश कौल का माडल टाउन एक्सटेंशन स्थित शमशान घाट में रविवार की दोपहर अंतिम संस्कार कर दिया गया। सतीश कौल लंबे अर्से से बीमार थे और श्री राम चेरिटेबल अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। बाद में वे कोरोना संक्रमण की चपेट में आ गए। शनिवार को इलाज के दौरान ही उन्होंने अंतिम सांस ली। माडल टाउन एक्सटेंशन स्थित शमशान घाट में एंबुलेंस में सतीश कौल के शव को लाया गया। वहां पर वालंटियर्स ने उनका विद्युत शवदाह ग्रह में उनका अंतिम संस्कार किया। उनके अंतिम संस्कार के अवसर पर चंद लोग ही शामिल थे, जिनमें उनकी केयर टेकर सत्या देवी, पटियाला से आया विद्यार्थी मनदीप भी शामिल था। अंतिम संस्कार के अवसर पर प्रशासन की तरफ से भी कोई अधिकारी नजर नहीं आया। कभी बालीवुड एवं पालीवुड की सिल्वर स्क्रीन पर अपने अभिनय का डंका बजाने वाले सतीश कौल पिछले कुछ वक्त से गुमनामी वाला जीवन ही व्यतीत कर रहे थे और गुमनामी की स्थिति में ही उनका अंतिम संस्कार हुआ।

सतीश कौल की आठ साल से देखरेख कर रही सत्या देवी और उनका स्टूडेंट मनदीप विलाप करते हुए।

बता दें कि सतीश कौल एक शानदार अभिनेता थे। उन्होंने बालीवुड और पालीवुड की 300 से अधिक फिल्मों में काम किया। बालीवुड में राम लखन, कर्मा, प्यार तो होना ही था, आंटी नंबर वन और पंजाबी में ससी पुन्नू, जीजा साली, सुहाग चूड़ा और पटोला आदि सतीश कौल की चर्चित फिल्में रहीं। 

महाभारत में सतीश ने निभाया था इंद्रदेव का किरदार

धारावाहिक महाभारत में सतीश ने इंद्रदेव का किरदार निभाया था, जबकि धारावाहिक विक्रम बेताल में भी वह अहम किरदार में दिखे थे। इंद्र के किरदार ने उनको चर्चित कर दिया था। सतीश कौल वर्ष 2011 में मुंबई छोड़कर लुधियाना आ गए थे। लुधियाना के मानकवाल में वह सत्या देवी के घर पर रह रहे थे। तीन साल पहले कूल्हे की हड्डी में फ्रैक्चर हुआ जिससे वह उभर नहीं पाए थे। सतीश कौल के निधन पर राज्य के धार्मिक व राजनीतिक संगठनों के अलावा फिल्म क्षेत्र से जुड़े लोगों ने गहरा दुख जताया है और परिवार से शोक संवेदना जताई है।

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शानदार अभिनेता थे सतीश कौल, 300 से अधिक फिल्मों में काम किया

सतीश कौल की जमा पूंजी किसी कारोबार में डूब गई थी। वर्तमान समय में उनकी आर्थिक हालत बहुत खराब थी। वह पाई-पाई के मोहताज हो गए थे। एक ऐसा समय भी आया था जब उन्हें वृद्धाश्रम रहने को मजबूर होना पड़ा था। वर्ष 2019 में जब उन्होंने मदद की गुहार लगाई तो मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने ट्वीट कर दिग्गज अभिनेता की सुध ली। मुख्यमंत्री के आदेश पर तत्कालीन डीसी प्रदीप अग्रवाल ने मानकवाल जाकर उनका हाल जाना था और पांच लाख रुपये की मदद हाल जाना गया था और उन्हें पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद दी थी।मिला था लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड पंजाबी सिनेमा में योगदान के लिए सतीश को 2011 में लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड मला था।

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पूरे सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार

डीसी वरिंदर शर्मा का कहना है कि सतीश कौल के अंतिम संस्कार को लेकर कोई विवाद नहीं है। जिस घर में वह रह रहे थे, वह लोग जैसे चाहते हैं, प्रशासन पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार करवाएगा। अब तक अन्य किसी ने प्रशासन के पास संपर्क नहीं किया है। सतीश कौल एक महान अभिनेता थे। उन्होंने अपनी अभिनय कला से हिंदी व पंजाबी फिल्मों में एक अनूठी छाप छोड़ी थी।

 

 

 

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