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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 14, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Ludhiana Black Fungus ALERT! लुधियाना में ब्लैक फंगस, चपेट में आए कोरोना को मात देने वाले 20 लोग, कुछ की आंखें व जबड़े निकाले

By Sunil Kumar JhaEdited By:
Published: Fri, 14 May 2021 08:07 AM (IST)Updated: Fri, 14 May 2021 04:28 PM (IST)

Ludhiana Black Fungus ALERT! पंजाब के लुधियाना में भी जानलेवा रोग ब्‍लैक फंगस पहुंच गया है। लुधियाना में कोरोना महामारी ...और पढ़ें

पंजाब के लुधियाना में ब्‍लैक फंगस रोग फैल रहा है। (फाइल फोटो)
पंजाब के लुधियाना में ब्‍लैक फंगस रोग फैल रहा है। (फाइल फोटो)

लुधियाना, जेएनएन। Ludhiana Black Fungus ALERT! जानलेवा रोग म्‍यूकोरमाइकोसिस यानि ब्‍लैक फंगस (Black Fungus) ने पंजाब में भी लोगों को शिकार बनाना शुरू कर दिया है। कोरोना से स्वस्थ हो चुके लोगों पर अब ब्लैक फंगस (म्यूकोरमाइकोसिस) का खतरा मंडराने लगा है। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में लुधियाना में ही बीस से अधिक लोग ब्लैक फंगस की चपेट में आ चुके हैं और उनका डीएमसी अस्पताल में इलाज चल रहा है। यह मामले अस्पताल के ईएनटी, आई और न्यूरो डिपार्टमेंट में सामने आए हैं। ऐसे अधिकतर मरीजों की उम्र 40 से 65 वर्ष के बीच है।

हर हफ्ते डीएमसी में आ रहे हैं ब्लैक फंगस के तीन से चार केस

ब्लैक फंगस के कारण डाक्टरों को आपरेशन कर कुछ मरीजों की आंखें व जबड़े निकालने पड़े। पांच से छह मरीजों की हालत ऐसी है कि फंगस उनके दिमाग तक पहुंच चुका था। डा. रमेश सुपर स्पेशियलिटी आइ एंड लेजर सेंटर से भी एक मरीज को पीजीआइ रेफर किया गया है।

डीएमसी अस्पताल के ईएनटी डिपार्टमेंट के हेड और नेक (गर्दन) सर्जन डा. मनीश मुंजाल ने कहा कि केवल वीरवार को ही उनके पास ब्लैक फंगस के चार मरीज आए हैं। मरीजों के आंखों के नीचे, नाक और साइनेस में ब्लैक फंगस थी। मरीजों के फेफड़े खराब थे। ऐसी हालत में उन्हें जल्दी आपरेट नहीं किया जा सकता है। उन्हें समय दिया गया है।

उन्‍होंने कहा कि यही नहीं, पिछले एक महीने में अकेले ईएनटी डिपार्टमेंट में ही ब्लैक फंगस के करीब 10 से अधिक केस सामने आ चुके हैं। पांच केस आई डिपार्टमेंट में आए और आपरेशन कर चार मरीजों की आंखें निकालनी पड़ी हैं।उन्होंने कहा कि न्यूरो डिपार्टमेंट में भी ऐसे चार मरीज आ चुके हैं, जिनके दिमाग तक ब्लैक फंगस जा चुका था। चूंकि वे समय पर अस्पताल पहुंच गए इसलिए दवा से ही उनका इलाज किया जा रहा है।

लंबे समय आइसीयू में रहे थे ये मरीज

डा. मनीश मुंजाल का कहना है कि उनके पास आए सभी मरीज पहले कोरोना संक्रमित थे। संक्रमण के कारण उन्हें लंबे समय आइसीयू में रखा गया था। हर हफ्ते लुधियाना के अलावा बठिंडा, हिमाचल और जम्मू से तीन से चार मामले सामने आ रहे हैं।

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