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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 05, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

आरसीएफ के निजीकरण के विरोध में सड़क पर उतरे कर्मचारी

By JagranEdited By:
Published: Fri, 05 Jul 2019 02:57 AM (IST)

रेल डिब्बा कारखाने के निगमीकरण व निजीकरण के विरोध में आरसीएफ में चल रहे आन्दोलन वीरवार के अगले पड़ाव में ...और पढ़ें

आरसीएफ के निजीकरण के विरोध में सड़क पर उतरे कर्मचारी
आरसीएफ के निजीकरण के विरोध में सड़क पर उतरे कर्मचारी

जागरण संवाददाता, कपूरथला : रेल डिब्बा कारखाने के निगमीकरण और निजीकरण के विरोध में वीरवार शाम को कारखाने के रामलीला मैदान में कर्मचारियों और उसके परिजनों ने रैली निकाली। उन्होंने सरकार के खिलाफ खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आरसीएफ बचाओ संघर्ष कमेटी के आह्वान पर समस्त रेडिका कर्मचारियों और उनके परिवारों ने रैली में भाग लिया। शाम को रेडिका की सड़कें भरी हुई थीं।

उधर, टाउनशिप के बाहर रह रहे कर्मचारी भी अपने परिवारों सहित राम लीला मैदान में पहुंचे। रैली में पहुंचने वाले सभी जानते थे कि इस बार की लड़ाई आर या पार की लड़ाई है, अगर इस बार चूक गए तो फिर संभालने का दोबारा मौका नहीं मिलेगा। सबके सामने एक ही लक्ष्य था कि कैसे भी हो दिल्ली बैठी सरकार को अपना आक्रोश दिखाना है और साफ शब्दों में यह संदेश देना है कि रेलवे की उत्पादन इकाइयों का निगमीकरण अथवा निजीकरण नहीं होने देंगे। आरसीएफ बचाओ संघर्ष कमेटी के सचिव सर्वजीत सिंह नें कहा कि किसी भी सूरत में आरसीएफ के बहादुर साथी अपने प्यारे कारखाने का निजीकरण अथवा निगमीकरण नहीं होने देंगे।

उन्होंने कहा कि हम केंद्र सरकार के किसी झांसे में नहीं आएंगे, क्योंकि हम अच्छी तरह से इस सरकार की मंशा समझते हैं कि पहले इसका निगमीकरण कर दो और बाद में अच्छे भले चल रहे कारखाने को घाटे में घोषित करके इसे कौड़ियों के मोल बेच दिया जाए। सर्वजीत सिंह ने कहा कि मेरे बहादुर कर्मचारी और उनके परिवारों के लोग इतनी मेहनत से लगाए हुई इस कारखाने को यूं ही प्राइवेट के हाथों में कौड़ियों में नहीं जाने देंगे। इसके लिए हमें जो भी कुर्बानी देनी पड़े वह देंगे और इस कारखाने की रक्षा करेंगे। समूह रेडिका वासियों ने निगमीकरण के रद होने तक आंदोलन को जारी रखने का प्रण लिया।

इस विशाल जन समूह ने आरसीएफ बचाओ संघर्ष कमेटी को अपने पूरे सहयोग का भरोसा दिलवाया कि इस आदेश के वापस लिए जाने तक हमारा यह आंदोलन ऐसे ही चलता रहेगा। आरसीएफ बचाओ संघर्ष कमेटी के संयोजक जसवंत सैनी ने रैली में आए सभी कर्मचारियों और उनके परिवारों का धन्यवाद किया और उन्होंने सभी को संघर्ष के अगले पड़ाव के लिए तैयार रहने का आह्वान किया। साथ ही साथ जसवंत सैनी ने यह भी कहा की समूह कपूरथला शहर और आसपास के गांव के हजारों लोगों तथा आसपास की अद्यौगिक ईकाइयों की समृद्धि और खुशहाली भी रेडिका के भविष्य पर ही निर्भर करती है।

रैली को सफल बनाने में परमजीत सिंह खालसा, राजबीर शर्मा, सहायक संयोजक राम रतन सिंह, मंजीत सिंह बाजवा, तालिब मुहम्मद, दर्शन लाल की प्रमुख भूमिका रही। इस अवसर पर राजेन्द्र सिंह, हरी दत्त, राजेश ठाकुर, वीर प्रकाश, उमाशंकर, जयपाल सिंह, मयंक भटनागर, बलदेव राज, जगदीश सिंह, रमन जैन, दलजीत सिंह बाजवा, रंजीत सिंह, जीत सिंह, सुखबीर सिंह, आरसी मीना, सुनील कुमार और अन्य उपस्थित थे।