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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 07, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

निजीकरण के खिलाफ कर्मचारियों ने निकाली रोष रैली

By JagranEdited By:
Published: Tue, 07 Jan 2020 03:05 AM (IST)Updated: Tue, 07 Jan 2020 06:13 AM (IST)

रेल कोच फैक्ट्री के कर्मचारियों ने निजीकरण के खिलाफ प्रदर्शन किया।

निजीकरण के खिलाफ कर्मचारियों ने निकाली रोष रैली
निजीकरण के खिलाफ कर्मचारियों ने निकाली रोष रैली

जागरण संवाददाता, कपूरथला : रेल मंत्रालय के निगमीकरण एवं रेडिका प्रशासन के वर्कशॉप में उत्पादन कार्यों में ठेकेदारी सिस्टम को लागू करने के विरोध में केंद्रीय मजदूर संगठनों की आठ जनवरी को होने वाली हड़ताल के समर्थन में आरसीएफ बचाओ संघर्ष कमेटी ने सोमवार को रोष रैली निकाली। रैली में आरसीएफ के पुरुष एवं महिला कर्मचारियों ने भाग लिया। आरसीएफ बचाओ संघर्ष कमेटी के सेक्रेटरी सर्वजीत सिंह, जसवंत सिंह सैनी, परमजीत सिंह खालसा और तालिब मोहम्मद ने कहा कि आसीएफ के कर्मचारियों ने अपने मेहनत से अंतरराष्ट्रीय स्तर के रेल कोच का निर्माण किया है। दिसंबर-2019 में 93 उच्च-तकनीक के एलएचबी कोचों के साथ 120 कोच का उत्पादन करके रेडिका के कर्मचारियों ने कीर्तिमान स्थापित किया है। वहीं, रेडिका का प्रधान मुख्य यांत्रिक इंजीनियर मान्यता प्राप्त संगठनों से 14 जुलाई 2017 को हुए समझौते की उल्लंघन करते हुए और फैक्ट्री में आउट सोर्सिंग को बढ़ावा दे रहे हैं। रेडिका और रेलवे की सातों उत्पादन इकाइयों के सभी कर्मचारियों और उनके परिवार निगमीकरण के विरोध में पिछले छह माह से संघर्ष कर रहे हैं। जब तक रेल मंत्रालय का निगमीकरण का तानाशाही आदेश वापस नहीं होता संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने रेडिका के सभी कर्मचारियों से आह्वान किया कि सभी केंद्रीय मजदूर संगठनों द्वारा 08 जनवरी को होने जा रही देश व्यापी हड़ताल को सफल बनाने में सहयोग करें। रोष रैली में राम रतन सिंह राजबीर शर्मा, मंजीत सिंह बाजवा, वीर प्रकाश, जगदीश सिंह, अरविद प्रसाद, दर्शन लाल, जीत सिंह, नागेश यादव, अभिषेक सिंह, सुखबीर सिंह, मयंक भटनागर, बलदेव राज, राजेंदर सिंह, रणजीत सिंह, रमन जैन आदि भी शामिल थे।