जागरण संवाददाता, जालंधर

मात्र छह दिन लेट हुए चुनाव ने प्रचार सामग्री को बर्बाद कर डाला है और उम्मीदवारों के रोजाना खर्च में भी इजाफा कर डाला है। चुनाव आयोग के पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक पंजाब में 14 फरवरी को चुनाव होने वाले थे, लेकिन श्री गुरु रविदास महाराज के प्रकाशोत्सव के मद्देनजर अब चुनाव 20 फरवरी को होंगे।

जब तक चुनाव आयोग ने चुनाव छह दिन लेट कराए जाने की घोषणा की तब तक अधिकतर उम्मीदवारों की आडियो विजुअल प्रचार सामग्री लगभग तैयार हो चुकी थी। एफएम अथवा टीवी पर चलाए जाने वाले और रिक्शा पर बजाने वाले एडवरटाइजमेंट तैयार हो चुके थे। इसके अलावा वाल पेंटिग, पंफ्लेट, बैनर आदि पर भी 14 फरवरी को होने जा रहे चुनाव संबंधी प्रचार शुरू कर दिया गया था। अब उम्मीदवारों की तरफ से अपनी प्रचार सामग्री में बदलाव करना जरूरी हो गया है। आनन-फानन में अब आडियो विजुअल दोबारा से तैयार करवाए जा रहे हैं। वाल पेंटिग, पंफ्लेट, बैनर आदि पर भी चुनाव की तारीख को 20 फरवरी लिखवाया जा रहा है। कुछ प्रचार सामग्री ऐसी भी है, जिस पर मात्र तारीख बदल देना संभव नहीं है। ऐसी प्रचार सामग्री को दोबारा से प्रिट करवाना पड़ रहा है।

आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता तरनदीप सिंह सन्नी ने कहा कि चुनाव की तारीख में बदलाव होने से चुनाव प्रचार सामग्री में बदलाव करना पड़ा है। इसे नजरअंदाज भी नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि चुनाव लेट होने से उम्मीदवारों के रोजाना खर्च में भी वृद्धि हुई है। पब्लिसिटी का काम करने वाले एपी शर्मा ने कहा कि उम्मीदवारों की तरफ से तत्काल प्रचार सामग्री में बदलाव करने को कहा गया है। जाहिर सी बात है इसका अतिरिक्त खर्च होगा और बदलाव करने के लिए कुछ समय भी चाहिए होगा।

Edited By: Jagran