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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 25, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जालंधर में तैनात एसडीएम दिलप्रीत सिंह ने यूपीएससी की परीक्षा में पाया 237वां रैंक

By JagranEdited By:
Published: Sat, 25 Sep 2021 12:53 AM (IST)

जालंधर में एसडीएम के पद पर तैनात दिलप्रीत सिंह ने यूपीएससी की परीक्षा में सफलता हासिल की है।

जालंधर में तैनात एसडीएम दिलप्रीत सिंह ने यूपीएससी की परीक्षा में पाया 237वां रैंक
जालंधर में तैनात एसडीएम दिलप्रीत सिंह ने यूपीएससी की परीक्षा में पाया 237वां रैंक

अखंड प्रताप, जालंधर

जालंधर में एसडीएम के पद पर तैनात दिलप्रीत सिंह ने यूपीएससी की परीक्षा में सफलता हासिल की है। दिलप्रीत सिंह ने परीक्षा में 237वां रैंक हासिल किया है। उनके घर में खुशी का माहौल है। स्वजनों व दोस्तों ने उनका मुंह मीठा कर करवाया।

दिलप्रीत सिंह साल 2019 में पंजाब सिविल सíवसेज की परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके हैं। उनको यह सफलता उनके पहले ही प्रयास में हाथ लगी थी, जिसके बाद दिलप्रीत सिंह को पहली तैनाती तहसीलदार के पद पर मिली थी। इसके अगले साल पीसीएस की परीक्षा में दिलप्रीत सिंह ने 12वां स्थान हासिल किया था। इसके बाद इन्हें एसडीएम के तौर पर नियुक्ति मिल गई। जालंधर के स्वामी संत दास स्कूल के विद्यार्थी रहे दिलप्रीत हमेशा से ही पढ़ाई में आगे रहे और अपनी स्कूली शिक्षा के दौरान वह कक्षा में अव्वल स्थान हासिल करते रहे। जालंधर की कालिया कालोनी के रहने वाले दिलप्रीत पंजाब इंजीनियरिंग कालेज चंडीगढ़ के बीटेक मैकेनिकल के छात्र भी रहे हैं। इंजीनियर की पढ़ाई के दौरान ही दिलप्रीत ने सिविल सíवसेज की तैयारी करनी शुरू कर दी थी। दिलप्रीत के मन में यूपीएससी क्लियर करने का जुनून कुछ इस कदर सवार था कि वह कालेज के दौरान कैंपस प्लेसमेंट में भी हिस्सा नहीं लेते थे। दिलप्रीत के पिता पावर ग्रिड कारपोरेशन इन इंडिया में डीजीएम, माता दविंदर कौर लिद्दड़ा के सरकारी स्कूल में हेडमिस्ट्रेस के पद पर तैनात हैं। इसके साथ ही उनकी बहन अमनजोत कौर ने लुधियाना के डीएमसी मेडिकल कालेज से एमडी की डिग्री हासिल की है दिलप्रीत का चयन यूपीएससी में होने की सूचना मिलने के बाद से ही उनके घर में बधाई देने वालों का ताता लगा हुआ है। यूपीएससी की परीक्षा में दिलप्रीत को यह सफलता तीसरे प्रयास में हाथ लगी है। दिलप्रीत ने बताया कि मेरी मां ही मेरी असली मार्गदर्शक हैं।