जालंधर में लद्देवाली आरओबी निर्माण में खोदाई के दौरान मिली रेतीली जमीन, मिट्टी धंसने का डर, लोहे की शटरिंग लगाकर हो रहा काम
जालंधर में लद्देवाली रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज बनाए जाने से पहले सीवरेज की शिफ्टिंग के लिए की गई खुदाई में जमीन रेतीली मिली है। लोहे की शटरिंग आसपास लगाकर उसके मध्य में काम किया जा रहा है। शटरिंग के किनारों पर लगातार रेतीली मिट्टी झड़ती देखी जा सकती है।

जालंधर, जेएनएन। जालंधर में लद्देवाली रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज बनाए जाने से पहले सीवरेज की शिफ्टिंग के लिए की गई खुदाई में जमीन रेतीली मिली है। जमीन रेतीली होने की वजह से मिट्टी धंसने का खतरा है, जिस वजह से खुदाई से लगभग 27 फुट नीचे हो रहे काम को निर्विघ्न जारी रखने के लिए और मिट्टी धंसने जैसी घटना से बचाव के लिए अब लोहे की शटरिंग का सहारा लेना पड़ा है।
लोहे की शटरिंग आसपास लगाकर उसके मध्य में काम किया जा रहा है। शटरिंग के किनारों पर लगातार रेतीली मिट्टी झड़ती देखी जा सकती है। निर्माण साइट पर दो मेनहोल बनाने के बाद अब कंक्रीट के पाइप बिछाने का काम शुरू किया गया है, जिसमें लोहे की शटरिंग लगाई जा रही है। कंपनी के अधिकारियों के मुताबिक सीवरेज शिफ्टिंग का काम निपटाने के लिए उनके पास छह महीने का समय मौजूद है लेकिन कोशिश की जा रही है कि लगभग चार महीने के अंतराल में ही इस काम को निपटा लिया जाएगा।
वहीं, दूसरी तरफ निर्माण साइट पर बिजली के हल्के पोल हटाने का काम तो निपटा लिया गया है और भूमिगत कंक्रीट के पाइप बिछाने के लिए जगह उपलब्ध करवा दी गई है। कोर्ट रामदास आबादी को जाते मार्ग से कुछ मिट्टी हटा लिए जाने के बाद हल्के वाहनों की आवाजाही तो शुरू हो गई है, लेकिन भारी वाहनों के लिए क्षेत्र में से निकलना अभी भी समस्या ही बना हुआ है।
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