Punjab Weather: फिरोजपुर-फाजिल्का व अमृतसर में बाढ़ से बिगड़े हालात, पठानकोट-जालंधर हाईवे छठे दिन भी बंद
पंजाब में बाढ़ से हालात गंभीर हैं। फिरोजपुर फाजिल्का अमृतसर तरनतारन और कपूरथला के कई गांव जलमग्न हैं। हुसैनीवाला में रिट्रीट सेरेमनी बंद कर दी गई है फाजिल्का में पुल बंद है। गुरदासपुर व पठानकोट में रावी का पानी घटने से सुधार है पर लोग फंसे हैं। सेना बीएसएफ एनडीआरएफ और एसडीआरएफ बचाव कार्य में जुटी हैं।

जागरण टीम, फिरोजपुर/फाजिल्का/तरनतारन। पंजाब में बाढ़ प्रभावित जिलों में हालात बिगड़ रहे हैं। शुक्रवार को फिरोजपुर के हुसैनीवाला में सात फीट पानी भर गया। यहां रिट्रीट सेरेमनी अस्थायी रूप से बंद कर दी गई है।
फाजिल्का के बाढ़ प्रभावित 14 गांवों को जोड़ने वाले एकमात्र पुल के ऊपर से डेढ़ फीट तक पानी बहने के बाद इसे बंद कर दिया गया है। अमृतसर के अजनाला कस्बे के 45 गांवों में पिछले चार दिनों से पानी भरा है। अब पानी शहर तक पहुंचने लगा है।
तरनतारन और कपूरथला के भी कई गांवों में पानी भरा हुआ है। रावी में पानी घटने से गुरदासपुर व पठानकोट के गांवों में पानी धीरे-धीरे कम होने लगा है। हालांकि लोग अब भी फंसे हुए हैं। सेना, बीएसएफ, एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं।
सेना के 20 हेलिकाप्टर लगाए गए हैं। शुक्रवार को 7,200 लोगों को सुरक्षित बचाया गया। पठानकोट के चक्की दरिया से बंद वाहनों की आवाजाही शुक्रवार को भी शुरू नहीं हो पाई। पठानकोट-जालंधर नेशनल हाईवे छह दिन से बंद है। फिरोजपुर में भारत-पाक सीमा पर धुस्सी बांध का बड़ा हिस्सा टूट गया।
पौंग बांध की सुरक्षा के लिए एक लाख क्यूसेक पानी छोड़ना मजबूरी: बीबीएमबी चंडीगढ़ः मौसम विभाग ने 30, 31 अगस्त और एक सितंबर को भारी वर्षा की चेतावनी दी है। इससे अधिकारियों की चिंता बढ़ गई है।
शुक्रवार को नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट की बैठक में जब भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (बीबीएमबी) के अधिकारियों ने बताया कि ब्यास दरिया के कैचमेंट एरिया में लगातार वर्षा से बांध में अब अतिरिक्त पानी को स्टोर करना मुमकिन नहीं है।
ऐसे में एक लाख क्यूसेक से कम पानी नहीं छोड़ा जा सकता। अधिकारियों की चिंता यह है कि पंजाब के निचले इलाकों से पानी नहीं निकल पाया है। पानी छोड़ा जाता रहा तो हालात और खराब हो सकते हैं।
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