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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 24, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Punjab News: 'चंडीगढ़ के बाद जालंधर सरकार की दूसरी राजधानी', CM भगवंत मान ने आखिर क्यों कही ये बात?

Published: Wed, 24 Jul 2024 08:29 PM (IST)

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जालंधर को सरकार की दूसरी राजधानी बताया। रॉयल एस्टेट में किराए पर लिए मकान ...और पढ़ें

Punjab News: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान (जागरण फाइल फोटो)
Punjab News: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान (जागरण फाइल फोटो)

HighLights

  1. जालंधर से सड़क नेटवर्क बेहतर बनाया जा चुका है: सीएम मान
  2. 'नया घर कैंप कार्यालय या मिनी सचिवालय की तरह काम करेगा'
  3. 'ब्रिटिश काल के दौरान वायसराय की अनेक राजधानी का दिया उदाहरण'

मनुपाल शर्मा, जालंधर। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने चंडीगढ़ के बाद जालंधर को उनकी सरकार की दूसरी राजधानी बताया। जालंधर छावनी से सटे रॉयल एस्टेट में किराए पर लिए घर पर बुधवार को पहुंचे मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि यह घर उनके कैंप कार्यालय या मिनी सचिवालय की तरह काम करेगा।

यह बात मुख्यमंत्री ने डिप्टी कमिश्नर डॉ. हिमांशु अग्रवाल, डीआइजी जालंधर रेंज हरमनबीर सिंह गिल, पुलिस कमिश्नर जालंधर स्वप्न शर्मा, ज्वाइंट कमिश्नर संदीप शर्मा और उनके विशेष अधिकारी हिमांशु जैन से कही।

उन्होंने कहा कि ब्रिटिश काल के दौरान वायसराय की एक से अधिक राजधानियां हुआ करती थीं, उसी तरह उन्होंने पंजाब के आधे हिस्से के करीब रहने के लिए जालंधर को अपनी दूसरी राजधानी के रूप में चुना है।

यहां आसानी से पहुंचा जा सकता है

जालंधर तक पहुंचाना आसान है, क्योंकि सड़क नेटवर्क बेहतर बनाया जा चुका है। यहां केवल केवल दोआबा और माझा की जनता ही नहीं बल्कि मालवा के कुछ हिस्सों, खासकर लुधियाना और मोगा के लोगों को भी चंडीगढ़ की तुलना में उन तक आसानी से पहुंचना आसान होगा।

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जब उन्होंने घर के अंदर और गेट के बाहर टेंटों में इंतजार कर रहे लोगों की कतार देखी, तो उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी की भी बात अनसुनी नहीं होनी चाहिए। लोगों की समस्याएं वर्षों पुरानी है और उन सभी को दूर किया जाना जरूरी है।

कार्यालय शेष दिनों के लिए भी रहे चालू

मुख्यमंत्री ने अफसरशाही को यह सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया कि उनका कैंप कार्यालय उन दिनों भी चालू रहे जब वह यहां नहीं होंगे। वह तो यहां केवल दो दिनों के लिए रहेंगे।

इस कार्यालय को शेष दिनों के लिए भी चालू रखा जाना चाहिए, ताकि यहां आने वाले लोगों की उचित सुनवाई हो सके और उनकी समस्याएं उन तक पहुंच सकें। डीसी डाक्टर हिमांशु अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री के फील्ड ऑफिसर को कैंप कार्यालय में प्रतिनियुक्त किया जाएगा।

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