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पंजाब में  ₹10 लाख तक मुफ्त इलाज का रास्ता साफ, जालंधर में 1.60 लाख हेल्थ कार्ड पहुंचे; सोमवार से वितरण शुरू

Published: Sun, 20 Sep 2026 07:00 AM (IST)

जालंधर में मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के 1.60 लाख कार्ड पहुंच चुके हैं। सोमवार से वितरण शुरू होगा। लाभार्थियों को 10 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज मिलेगा।

ये AI जनरेटेड प्रतीकात्मक तस्वीर है।

ये AI जनरेटेड प्रतीकात्मक तस्वीर है।

HighLights

  1. मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत 10 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज।

  2. जालंधर में 1.60 लाख हेल्थ कार्ड का वितरण सोमवार से शुरू।

  3. बिना कार्ड के भी पहचान पत्र से मिलेगा योजना का लाभ।

जागरण संवाददाता, जालंधर। पंजाब सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत लोगों को 10 लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा देने का वादा अब जमीन पर उतरने जा रहा है। राज्य बजट में किए गए इस बड़े ऐलान को पूरा करने के लिए स्वास्थ्य कार्ड तैयार हो चुके हैं और इन्हें लोगों तक पहुंचाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।

जिला जालंधर में इस योजना के तहत कुल 3.92 लाख हेल्थ कार्ड बनाए जाने हैं, जिनमें से पहले चरण में 1.60 लाख कार्ड जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के पास पहुंच चुके हैं। सोमवार से इन कार्डों को लाभार्थियों तक पहुंचाने का काम विधिवत रूप से शुरू कर दिया जाएगा। जिला प्रशासन ने लक्ष्य रखा है कि 21 सितंबर से शुरू होने वाले इस अभियान के तहत अगले दो सप्ताह में सभी कार्ड लोगों के हाथों में पहुंचा दिए जाएं।

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दो भागों में होगी वितरण प्रक्रिया

योजना को लेकर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने पूरी रणनीति तैयार कर ली है। इस संबंध में डिप्टी मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. जसविंदर सिंह सहोता ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से कार्ड वितरण के लिए वार्ड और गांव के हिसाब से अलग-अलग बक्से तैयार करके भेजे गए हैं। वितरण की प्रक्रिया को दो भागों में बांटा गया है।

उन्होंने बताया कि जिन वार्डों या गांवों में 400 से अधिक कार्ड हैं, वहां विशेष कैंप लगाए जाएंगे। इन कैंपों में बीडीपीओ, एसएमओ और स्वास्थ्य विभाग की टीमों के साथ-साथ आशा वर्कर मौजूद रहेंगी। कैंप में लाभार्थियों को एक लिफाफे में हेल्थ कार्ड, उसका कवर लेटर और योजना से संबंधित जानकारी वाला ब्रोशर दिया जाएगा।

वहीं, जिन वार्डों और गांवों में 400 से कम कार्ड हैं, वहां आशा वर्कर घर-घर जाकर कार्ड वितरित करेंगी। इस काम के लिए आशा वर्कर को सरकार की ओर से प्रति कार्ड 10 रुपये मानदेय भी दिया जाएगा।

बिना कार्ड की ले सकते हैं सुविधा

डॉ. सहोता ने स्पष्ट किया कि कार्ड मिलने में देरी के कारण इलाज में किसी भी मरीज को कोई परेशानी नहीं आएगी। लाभार्थी बिना कार्ड के भी अपनी पहचान से योजना का लाभ ले सकते हैं, लेकिन कार्ड होने से प्रक्रिया और आसान हो जाएगी।

जिले में इस योजना के तहत इलाज के लिए कुल 62 अस्पतालों को सूचीबद्ध किया गया है। इनमें 14 सरकारी अस्पताल और 48 गैर-सरकारी निजी अस्पताल शामिल हैं। इससे लोगों को अपने नजदीकी अस्पताल में ही बेहतर इलाज की सुविधा मिल सकेगी।

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2000 प्रकार के इलाज संभव

इलाज के पैकेज को लेकर उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की ओर से इस योजना के तहत करीब 2000 प्रकार के इलाज के पैकेज निर्धारित किए गए हैं। इसके अलावा हाल ही में 17 नए पैकेजों को, जो पहले केवल सरकारी अस्पतालों में ही उपलब्ध थे, अब निजी अस्पतालों में भी इलाज के लिए अनुमति दे दी गई है। इन 17 नए पैकेजों में ईएनटी के 2, सर्जरी के 5, गायनी के 4, आंखों के 3 और हड्डी रोग से संबंधित 3 पैकेज शामिल हैं। इससे गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए लोगों को निजी अस्पतालों में भी मुफ्त सुविधा मिलेगी और सरकारी अस्पतालों पर दबाव भी कम होगा।

मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के प्रमुख लाभ:

  • 10 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज: राज्य के प्रत्येक परिवार को प्रतिवर्ष 10 लाख रुपये तक के इलाज के लिए कैशलेस कवरेज मिलता है।

  • कैशलेस और पेपरलेस सुविधा: अस्पतालों में भर्ती होने, जांच कराने, दवाइयां लेने और सर्जरी कराने पर मरीज को जेब से कोई भुगतान नहीं करना पड़ता; सारा काम कैशलेस होता है।

  • सभी परिवारों के लिए यूनिवर्सल कवरेज: योजना में आय, उम्र, वर्ग या नीले-हरे कार्ड की कोई बाध्यता नहीं है। आम नागरिकों के साथ-साथ सरकारी कर्मचारी, पेंशनभोगी और आशा वर्कर भी इसके दायरे में शामिल हैं।

  • सरकारी और निजी अस्पतालों में नेटवर्क: मरीज राज्यभर के सूचीबद्ध सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ 400 से अधिक मान्यता प्राप्त निजी अस्पतालों में भी अपना इलाज करा सकते हैं।

  • 2000 से अधिक मेडिकल पैकेज व सर्जरी: इसमें हृदय रोग, कैंसर, कीमोथेरेपी, डायलॉसिस, ईएनटी, गायनी, ऑर्थोपेडिक सर्जरी, डिलीवरी और एडवांस सर्जिकल प्रक्रियाएं शामिल हैं।

  • जांच और दवाइयां भी शामिल: इलाज के साथ-साथ आवश्यक लैब टेस्ट, दवाइयों और अस्पताल में भर्ती होने से पहले व बाद का खर्च भी कवर होता है।

  • कार्ड के बिना भी इलाज की सुविधा: यदि लाभार्थी का डिजिटल कार्ड अभी तक नहीं पहुंचा है, तो भी वह पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड) प्रस्तुत करके योजना का लाभ उठा सकता है।

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