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    Retail में 350 रुपये प्रति किलो बिक रही मशरूम, नॉनवेज से भी दोगुने हुए दाम

    By Sat PaulEdited By:
    Updated: Sun, 21 Apr 2019 08:32 AM (IST)

    सब्जी मंडी के इतिहास में यह पहला अवसर है जब किसी सब्जी के दाम 300 रुपये प्रति किलो का आंकड़ा पार कर जाएं। ऐसा मशरूम के साथ हुआ है।

    Retail में 350 रुपये प्रति किलो बिक रही मशरूम, नॉनवेज से भी दोगुने हुए दाम

    जालंधर, [शाम सहगल]। सब्जी मंडी के इतिहास में यह पहला अवसर है, जब किसी सब्जी के दाम 300 रुपये प्रति किलो का आंकड़ा पार कर जाएं। ऐसा मशरूम के साथ हुआ है। जी हां, इन दिनों मशरूम के दाम नॉनवेज से भी दुगने हो चुके हैं। Retail में 350 रुपये प्रति किलो बिक रही मशरूम ने इसके शौकीन लोगों के भी हाथ खड़े करवा दिए हैं। खास बात यह है कि दामों की यह स्थिति उस समय हुई है, जब Wedding का सीजन पूरे यौवन पर है। यही कारण है कि Wedding Season में कई आयोजक इसका Order Cancel करने लगे हैं। हालांकि थोक कारोबारी फसल का सीजन खत्म होना कारण बता रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ Punjab व Ambala में ही चलाए जा रहे मशरूम के Plant मालिकों द्वारा Market में कृत्रिम कमी पैदा कर वारे न्यारे किए जा रहे हैं। वे मनमाने दाम पर मशरूम की सप्लाई कर रहे हैं।

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    जानें क्या कहते हैं सब्जी विक्रेता

    मशरूम की फसल का सीजन ऑफ होने के चलते दाम में बढ़ोतरी हुई है। पानीपत से मशरूम की आमद मार्च तक होती है। वहीं लोकल मशरूम आने में अभी 15 से 20 दिन लगेंगे। इसके बाद ही दाम गिरेंगे।

    -विशाल गुलाटी, होलसेल सब्जी विक्रेता।

    थोक में मशरूम के दाम 300 प्रति किलो है। जबकि 24 घंटों में अगर इसकी बिक्री न हो तो इसका रंग मैला हो जाता है। ऊपर से रिटेल में दामों में बढ़ोतरी के चलते उसकी मांग काफी है। जिसके चलते पिछले कई दिनों से वह मशरूम की खरीदारी नहीं कर रहे।

    - विक्की चावला, रिटेल सब्जी विक्रेता।

    रिटेल मंडी से गुम हुई मशरूम

    300 रुपये प्रति किलो का आंकड़ा पार करते ही Retail मंडी में मशरूम गायब हो गई है। शहर की चुनिंदा दुकानों पर बिक रही मशरूम के खरीदार भी न के बराबर रह गए हैं।

    कृत्रिम कमी करके कर रहे वारे न्यारे

    इन दिनों में Wedding Season पूरे यौवन पर होता है। वहीं मशरूम का Season Off होने के कारण आमद न के बराबर रहती है। इस बीच Punjab व Ambala आदि में लगाए गए प्लांट संचालक मार्केट में कृत्रिम शॉर्टेज पैदा करके वारे न्यारे कर रहे हैं। यही कारण है कि बाजार में मशरूम की कोई कमी नहीं है, केवल Rate उनके द्वारा तय किए जा रहे हैं। ऐसा करके केवल ग्राहकों की ही लूट हो रही है।

    मशरूम का स्टॉक करना संभव नहीं

    मशरूम एक ऐसी सब्जी है जिसका Stock नहीं किया जा सकता। कारण पैदावार के 24 घंटों के भीतर ही इसका रंग मैला हो जाता है। इसके कुछ समय बाद ही यह खराब हो जाती है। जिसके चलते इसका Stock करना संभव नहीं है। जिसका लाभ भी Plant मालिक उठा रहे हैं।

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