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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 14, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Raid In Jalandhar: पंजाब के फिल्लौर में NIA की दबिश, कई इलाकों में चला सर्च अभियान; जानें पूरा मामला

By Vikas_KumarEdited By:
Published: Sun, 14 Mar 2021 07:29 AM (IST)Updated: Sun, 14 Mar 2021 09:22 AM (IST)

Raid In Jalandhar NIA की टीम ने फिल्लौर के कई इलाकों में जाकर घरों की तलाशी ली। टीम नशा तस्करों ...और पढ़ें

फिल्लौर में एनआइए की टीम ने कई घंटे तक सर्च अभियान चलाया।
फिल्लौर में एनआइए की टीम ने कई घंटे तक सर्च अभियान चलाया।

जालंधर, जेएनएन। Raid In Jalandhar: नेशनल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी (NIA) की टीम ने शनिवार को पंजाब के फिल्लौर में दबिश दी। यहां टीम कई घंटे रही और कई इलाकों में जाकर घरों की तलाशी ली। टीम नशा तस्करों के हाथों मारे गए हरप्रीत सिंह चिंटू के घर भी पहुंची लेकिन वहां पर ताले लगे मिले। चिंटू नशा तस्करी में लिप्त था और जेल में उसकी मुलाकात नशा तस्कर कमलजीत से हुई थी। नशा तस्करी में पैसों के लेन-देन को लेकर चिंटू की गोलियां मारकर हत्या की गई थी और इस मामले में कमलजीत सिंह को गिरफ्तार किया गया था।

एनआइए के सूत्रों के मुताबिक जांच एजेंसी ड्रग्स के एक बड़े रैकेट की जानकारी मिलने पर जांच में जुटी हुई है। ड्रग्स के धंधे में जुड़े कुछ लोग अमृतसर जेल में बैठे पूरे देश में नशे का कारोबार कर रहे थे और उनका संबंध आतंकी संगठनों से भी था। ड्रग्स के पैसे से आतंकी संगठनों को फंडिंग की जा रही थी। जेल से फोन नेटवर्क के जरिए इस धंधे का संचालन हो रहा था।

एनआइए का दावाः फिल्लौर के कुछ लोगों के जरिये चलाया जा रहा ड्रग्स रैकेट

एनआइए के अनुसार फिल्लौर में हुआ चिंटू हत्याकांड भी नशा तस्करी से जुड़ा हुआ था और जेल में बैठे कुछ लोग अभी भी फिल्लौर के कुछ लोगों के जरिए ड्रग्स रैकेट चला रहे हैं, उसी सिलसिले में टीम फिल्लौर पहुंची। हालांकि एनआईए ने किसी को राउंडअप नहीं किया। जांच के दौरान फिल्लौर की पुलिस को भी एनआइए अधिकारियों ने मदद के लिए बुलाया था। एसएसपी देहात डा. संदीप गर्ग ने बताया एनआईए की टीम फिल्लौर में आई थी और उन्होंने लोकल पुलिस की मदद मांगी थी। उनको मदद मुहैया करवा दी गई थी। वे किस केस के लिए पहुंचे थे, उसकी जानकारी एनआइए ही दे सकती है।

31 अक्टूबर को 13 गोलियां मारकर की गई थी चिंटू हत्या

फिल्लौर में 31 अक्टूबर को तस्कर चिंटू की हत्या नशा तस्करी में पैसों के लेन-देन को लेकर की गई थी। मामले में पुलिस ने फिरोजपुर के थाना ममदोट के 19 वर्षीय कंवलजीत सिंह उर्फ कमल को भी पकड़ा था। जांच में सामने आया था कि चिंटू अमृतसर जेल में नशा तस्करी के केस में बंद था। उस दौरान नशा तस्करी के ही केस में वहां बंद अमृतसर के ब्यास निवासी नवप्रीत सिंह उर्फ नवी के साथ उसका नशा तस्करी में कमाए पैसे को लेकर झगड़ा हो गया। कंवलजीत सिंह ने पुलिस को बताया कि उसने नवप्रीत के कहने पर पहले लांबड़ा में कार और फिर एक बाइक लूटी। इसके बाद वह अपने अन्य दो साथियों हरप्रीत सिंह उर्फ टिडी और सतवंत सिंह के साथ मिलकर 31 अक्टूबर की शाम बाइक पर फिल्लौर गया। वहां कार में जा रहे हरप्रीत उर्फ चिंटू की 13 गोलियां मार हत्या की थी।