जालंधर, जेएनएन। पंजाब के कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू हमेशा विवादों की वजह से सुर्खियों में रहते हैं। अब वह बिहार के कटिहार में एक रैली के दौरान मुसलमानों से एकजुट होकर वोट करने की अपील कर फंस गए हैं। उनके खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज की गई है। ऐसा पहली बार नहीं है, जब सिद्धू विवादित बयानों के कारण चर्चा में आए हों। उनके बयान भारत-पाकिस्तान दोनों जगह की राजनीति पर असर डालते रहे हैं।

सिद्धू पंजाब में भी लगातार विवादित बयान देते रहे हैं। इस क्रम उन्‍होंने अपने मुख्‍यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिंह को भी नहीं छोड़ा। पाकिस्‍तान जाकर वहां के आर्मी चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा से गले मिलना हो से लेकर पुलवामा आतंकी हमला वह पाकिस्‍तान के पक्ष में बयानबाजी करते रहे। भारतीय वायुसेना द्वारा किए गए एयर स्‍ट्राइक पर सवाल उठाकर भी वह लोगों के निशाने पर आ गए थे।

नवजोत सिद्धू के उनके कुछ चर्चित विवादित बयान....

1. पुलवामा हमले के बाद नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा था आतंक का कोई मजहब नहीं होता, कोई धर्म नहीं होता, कोई देश नहीं होता और कोई जात नहीं होती। इसलिए चंद लोगों के लिए पूरी कौम (पाकिस्तान) को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। पुलवामा हमले से सन्न देश के सामने आए इस विवाद ने ऐसा तूफान खड़ा कि सिद्धू को अपना शो तक छोड़ना पड़ा।

2. बालाकोट पर भरतीय वायुसेना के हमले पर भी सिद्धू ने सवाल उठाए थे। उन्होंने ट्वीट कर कहा था कि इतनी दूर क्या पेड़ गिराने गए थे। इसके बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने उन्हें आड़े हाथ लिया था।

3. छत्तीसगढ़ के रायपुर में सिद्धू ने कहा था, चीन समुद्र के नीचे रेल लाइन बिछा रहा है, अमेरिका मंगल ग्रह पर जाकर जीवन खोज रहा है, रूस रोबोटिक आर्मी बना रहा है और आप चौकीदार बना रहे हैं वो भी चोर।

4. राजस्थान के अलवर में चुनावी जनसभा में सिद्धू ने राफेल विमान का मुद्दा उठाया और कहा- 500 करोड़ का प्लेन 1600 करोड़ में? 1100 करोड़ किसकी जेब में डाला, अंदर की बात किसके लिए थी? चौकीदार का कुत्ता भी चोर से मिल गया है।

5. 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान सिद्धू जब भाजपा में थे तो उन्होंने कहा था कि कांग्रेस तो मुन्नी से भी ज्यादा बदनाम हो चुकी है। इतना ही नहीं सिद्धू ने राहुल गांधी को भी पप्पू कहकर पुकारा था। इसके बाद राहुल गांधी को लेकर चुटकुले बनने शुरू हो गए।

6. 2014 में ही सिद्धू ने मन तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को मौनमोहन सिंह कहा था। उन्होंने कहा था कि यह सरदार असरदार नहीं है।

7. नशे को लेकर सिद्धू ने कहा था कि हेरोइन से बेहतर अफीम है और उनकी समझ से अफीम को कानूनी मान्यता दे देनी चाहिए। उनके चाचा जी दवा के तौर इस्तेमाल किया करते थे और उन्होंने खुशहाल जिंदगी जी।

8. नवजोत सिद्धू ने अपने मुख्‍यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिंह को भी न‍हीं छोड़ा था। पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के शपथ ग्रहण समारोह में न जाने की कैप्‍टन अमरिंदर के सलाह देने और वहां जाकर पाक आर्मी चीफ से गले मिलने पर अमरिंदर के विरोध के बारे में पूछे जाने पर सिद्धू ने उनका अपना 'कैप्‍टन' मानने से इन्‍कार कर दिया था। तेलंगाना में विधानसभा चुनाव के दौरान पत्रकारों द्वारा कैप्‍टन के बयान के बारे में पूछे जाने पर सिद्धू ने कहा था, कौन कैप्‍टन, अच्‍छा कैप्‍टन अमरिंदर सिंह। वो तो सेना के कैप्‍टन हैं, मेरे कैप्‍टन तो राहुल गांधी हैं। राहुल गांधी मेरे और अमरिंदर दोनों के कैप्‍टन हैं।

 

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