रिपोर्ट कार्डः डिप्टी सीएम सोनी ने किया विधायक निधि का सौ प्रतिशत उपयोग, दूर नहीं कर पाए वाल्ड सिटी की समस्याएं
अमृतसर सेंट्रल से विधायक ओम प्रकाश सोनी शिक्षा मंत्री मेडिकल शिक्षा व अनुसंधान विभाग के मंत्री के बाद अब स्वास्थ्य मंत्री व पंजाब के उपमुख्यमंत्री हैं। डिप्टी सीएम ने विभिन्न योजनाओं के तहत पंजाब सरकार से मिली राशि का सौ फीसद उपयोग यकीनी बनाया है।

नितिन धीमान, अमृतसर। ओमप्रकाश सोनी 1991 में अमृतसर के मेयर बने। 1997, 2002, 2007, 2012, 2017 में लगातार पांच बार विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की। शिक्षा मंत्री, मेडिकल शिक्षा व खोज विभाग के मंत्री के बाद अब स्वास्थ्य विभाग के मंत्री व पंजाब के उपमुख्यमंत्री हैं। डिप्टी सीएम विभिन्न योजनाओं के तहत पंजाब सरकार से मिली राशि का सौ फीसद उपयोग यकीनी बनाया गया है। सारा फंड विकास के लिए खर्च हुआ है, कोई फंड या ग्रांट लैप्स नहीं हुई।
प्रोफाइल
परिवार : पत्नी और बेटा
आपराधिक पृष्ठभूमि : कोई नहीं
शिक्षा: 12वीं
आर्थिक स्थिति: कुल 17.28 करोड़ की संपत्ति है। 6.20 लाख नकद व बैंक में 9.20 लाख हैं।उम्र: 64 साल
राजनीतिक दल: कांग्रेस
विस क्षेत्र: अमृतसर सेंट्रल
कुल मतदाता: 1,35,954
इनको मिले मत: 51,242
उपलब्धियों के दावे
- वाल्ड सिटी में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन शुरू करवाया।
- 12 करोड़ रुपये की लागत से हलके की सारी स्ट्रीट लाइटों को एलईडी में तब्दील करवाया।
- सात करोड़ से हलके में लगभग सात स्मार्ट पार्क बनवाए।
- वॉल सिटी के सभी 12 ऐतिहासिक गेटों का सुंदरीकरण करवाया गया।
विशेष उपलब्धि
- 125 करोड़ से आउटर रिंग का का निर्माण करवाया
- 2.5 करोड़ रुपये से भद्रकाली मंदिर से इंदिरा कालोनी तक गंदे नाले को कवर करवाया
- 5 करोड़ से श्रीदरबार साहिब से लेकर गुरु का महल तक की सभी इमारतों को विरासती लुक दिया।
- हलके लगभग सभी स्कूलों को स्मार्ट बनाया गया।
दावों का पोस्टमार्टम
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने कहा कि केंद्रीय हलके का जितना भी विकास हुआ है, सारा केंद्र के फंड से हुआ है। फिर चाहे वह स्मार्ट रोड हो या फिर स्मार्ट लाइटों के तहत एलईडी लगाने का काम।
- केंद्र के अमृत व हृदय प्रोजेक्ट के तहत ही शहर में सीवरेज व वाटर सप्लाई की व्यवस्था दुरुस्त हो सकी है। इन्हीं पोजेक्टों के तहत शहर की इमारतों को विरासती लुक भी दिया गया है।
- बतौर मंत्री सोनी कोई भी विशेष प्रोजेक्ट लाने में विफल रहे हैं। उल्टा 2015 में उन्होंने जो फंड पास करवाया हुआ था, वह वापस चला गया।
बड़ी विफलताएं
- वाल्ड सिटी को सालों पुरानी सीवरेज-वाटर सप्लाई प्रणाली से निजात नहीं मिल सकी।
- हलके में कोई स्किल डिवेलपमेंट सेंटर नहीं मिल सका।
- शहर में बने हुए तारों का जंजाल दुर्घटनाओं का कारण बन रहा है।
- वाल सिटी की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापारी परेशान हैं।
हलके में बेहतर विकास हुआ
अमृतसर सेंट्रल विधानसभा क्षेत्र में व्यापक पैमाने पर विकास हुआ है। सड़कों सीवरेज व जलापूर्ति बिल्कुल दुरुस्त है। लोगों और विधायक के बीच संपर्क स्थापित रहता है। अभी भी क्षेत्र में विकास कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। -दारा सूरी, नमक मंडी अमृतसर
दूषित पेयजल सप्लाई से नहीं मिली निजात
विकास तो हुआ, पर वाल सिटी के बाशिंदों को दूषित पेयजल की समस्या से निजात नहीं मिल पाई। आज भी कई घरों में सीवरेज युक्त पानी आने से लोग बीमार पड़ रहे हैं।
-विशाल सरीन, नवांकोट अमृतसर।
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