जेएनएन, जालंधर। बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक विजयदशमी पर्व को सेलिब्रेट करने के लिए देश भर के साथ-साथ जालंधर में भी लोगों में जबरदस्त क्रेज है। शहर के प्रमुख बर्ल्टन पार्क में रावण दहन देखने के लिए दोपहर बाद से ही भारी भीड़ जुटना शुरू हो गई थी। ऐतिहासिक बर्ल्टन पार्क में 144 वर्ष से रावण दहन किया जा रहा है। इस बार भी दहन के समय लोगों में भरपूर उत्साह देखने को मिला है।

जालंधर में 17 स्थानों पर मनाया जा रहा दशहरा

इस बार महानगर में 17 स्थानों पर अधिकृत रूप से रावण दहन का प्रबंध किया गया है। कोरोना काल के दो वर्ष में लोग दशहरा पर्व अच्छी तरह नहीं मना पा रहे थे। इस बार इसकी कसर पूरी की जा रही है। विभिन्न दशहरा उत्सव कमेटियों की तरफ से रावण दहन को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं। बता दें कि साईं दास स्कूल के मैदान में सबसे ऊंचे रावण, मेघनाथ और कुंभकरण के पुतले तैयार किए गए हैं। 70 फीट के रावण के पुतले लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा।

जालंधर के बर्ल्टन पार्क में रावण की वेशभूषा में तैयार व्यक्ति के साथ सेल्फी लेते हुए किशोर।

बर्ल्टन पार्क में दशहरा के साथ जुड़ा है रोचक इतिहास

बता दें कि बर्ल्टन पार्क में दशहरा उत्सव मनाने की परंपरा शहर में सबसे पुरानी मानी जाती है। जालंधर में सबसे पहले वर्ष 1878 में व्यवस्थित रूप से कमेटी की ओर से दशहरा मनाया गया है। तब इसका उद्घाटन अंग्रेज गर्वनर लार्ड बर्ल्टन ने किया था। आजादी के बाद उन्हीं के नाम पर बने इस पार्क में जालंधर में भव्य दशहरा उत्सव मनाया जाता रहा है। 

शहर भर में दशहरा उत्सव की धूम 

बर्ल्टन पार्क, बस्ती शेख दशहरा ग्राउंड, लाडोवाली रोड, दोआबा कालेज की ग्राउंड, माडल हाउस दशहरा ग्राउंड, मास्टर तारा सिंह नगर, रेलवे कालोनी पार्क, मां भारती सेवा संघ का छोटी अयोध्या के सामने केंद्रीय सदन के पास, आदर्श नगर गीता मंदिर के पीछे पार्क में, कैनाल रेस्ट हाउस ग्राउंड कपूरथला चौक, ढन्न मोहल्ला ग्राउंड, गुरु नानकपुरा से सटे बेअंत नगर, बस्ती पीरदाद रोड, फ्रेंड्स दशहरा कमेटी का अर्बन एस्टेट फेज-एक।

Edited By: Pankaj Dwivedi

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