जालंधर, जेएनएन। जीएसटी दफ्तर में एक अधिकारी को 50,000 रुपये की रिश्वत देकर माल छुड़वाने की कोशिश करना एक व्यापारी को महंगा पड़ गया। अधिकारी की शिकायत के बाद विजिलेंस ब्यूरो ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है।बताया जा रहा है कि 15 फरवरी को रेलवे स्टेशन पर रोके गए तंबाकू उत्पादों को छोड़ने के लिए व्यापारी ने 50,000 की रिश्वत देना चाह रहा था।

गिरफ्तार व्यापारी की पहचान कालिया कालोनी के वरुण महाजन के तौर पर हुई है। विजिलेंस ब्यूरो की माने तो डीएस गरचा जीएसटी मोबाइल विंग में एसीएसटी तैनात हैं। विभाग ने बीती 15 फरवरी को रेलवे स्टेशन पर आए तंबाकू को जीएसटी भुगतान के लिए रोका गया था। आरोपित वरुण महाजन बिना जीएसटी दिए ही इस माल को छुड़ाना चाहता था।

बिना जीएसटी दिए ही छुड़ाना चाहता था माल

वरुण 15 फरवरी को रोके गए माल को छुड़ाने के लिए डीएस गरचा पर दबाव बना रहा था। साथ ही आरोपित गरचा पर माल बिना टैक्स दिए ही छोड़ने के एवज में महीना बांधने के लिए भी दबाव बना रहा था। जिसके बाद उन्होने मामले की शिकायत विजिलेंस से कर दी।

विजिलेंस ने जाल बिछाकर किया गिरफ्तार

मामले में शिकायत मिलने के बाद डीएसपी विजिलेंस दलबीर सिंह ने इंस्पेक्टर राजविंदर कौर की अगुआई में टीम बनाई। विजिलेंस की टीम ने जाल बिछाते हुए वरुण महाजन को रिश्वत देने के लिए बुलाया और फिर जब उसने रिश्वत देने की कोशिश की तो गवाहों के समाने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।