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    जालंधर के कमल विहार में 70 से ज्यादा लोगों ने लगाए ‘कोठी फार सेल’ के पोस्टर, जानें वजह

    By Vikas_KumarEdited By:
    Updated: Fri, 02 Jul 2021 08:40 AM (IST)

    पावरकट और इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी के कारण रोज-रोज बिजली सप्लाई में आने वाली रुकावट से परेशान बस्ती पीरदाद इलाके के लोगों ने कोठियों के बाहर ‘कोठी फार सेल’ के पोस्टर लगा दिए। पावरकाम के खिलाफ इस तरह का विरोध प्रदर्शन पहली बार हुआ है।

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    बिजली सप्लाई में रुकावट से परेशान लोगों ने कोठियों के बाहर ‘कोठी फार सेल’ के पोस्टर लगा दिए।

    जालंधर, जागरण संवाददाता। पावरकट और इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी के कारण रोज-रोज बिजली सप्लाई में आने वाली रुकावट से परेशान बस्ती पीरदाद इलाके के लोगों ने कोठियों के बाहर ‘कोठी फार सेल’ के पोस्टर लगा दिए। पावरकाम के खिलाफ इस तरह का विरोध प्रदर्शन पहली बार हुआ है।

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    बस्ती पीरदाद रोड पर स्थित कालोनी कमल विहार में रूटीन में भी बिजली की किल्लत रहती है लेकिन पिछले दो-तीन दिन से पंजाब भर में चल रहे अघोषित बिजली कट से लोग परेशान हैं। इलाके के लोगों ने वीरवार शाम पावरकाम और पंजाब सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया और 70 के करीब घरों के बाहर कोठी फार सेल के पोस्टर लगा दिए हैं। इलाके में पिछले दो दिन से 16 घंटे से ज्यादा बिजली नहीं आ रही।

    इलाकवासी परमिंदर सभ्रवाल, सन्नी गुप्ता, दीपक वधवा, परविंदर सभ्रवाल, गुरदेव सिंह, विवेक निपुन, नीतिन जैन, अरुण, मावी ने कहा कि बिजली कट के कारण यहां रहना मुश्किल हो गया है। इलाके के ट्रांसफार्मर की क्षमता कम है। लोड बढ़ने के बाद ट्रांसफार्मर खराब हो जाता है। लोगों का कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद भी पावरकाम ने उनकी सुनवाई नहीं की है जिस कारण से उन्हें यह कदम उठाना पड़ा है।

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    बिजली सप्लाई रोकने पर भड़के कालिया

    पूर्व मंत्री मनोरंजन कालिया ने इंडस्ट्री को दो दिन बिजली नहीं देने के सरकार के आदेश की कड़ी निंदा की। कहा कि पंजाब सरकार पूरी तरह फेल हो गई है। किसानों को बिजली नहीं दी जा सकी। बिजली कट से घरों में लोग परेशान हैं तो अब सामान्य उद्योग (एलएस), रोलिंग मिल, फर्नेस उद्योग पर तत्काल प्रभाव से अवकाश का आदेश दे दिया है। इससे कच्चे माल का उद्योगपतियों को नुकसान उठाना पड़ा है। सरकार को इंडस्ट्री को कम से कम 24 घंटे का नोटिस देना चाहिए था। कोरोना के कारण पहले ही इंडस्ट्री नुकसान ङोल रही है। अब सरकार उनको तबाह करने पर तुली है।