विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 30, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सऊदी में नौकरी कर रहा था जालंधर का नरेश, छुट्टी मांगा तो कंपनी ने चोरी के आरोप में फंसाया; अब हुई घर वापसी

Published: Sun, 30 Mar 2025 11:25 AM (IST)

सऊदी अरब में सिक्योरिटी गार्ड नरेश कुमार को चोरी के झूठे आरोप में फंसाया गया और डेढ़ साल तक जेल ...और पढ़ें

राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल के प्रयासों से जालंधर के नरेश कुमार की घर वापसी हो सकी संभव
राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल के प्रयासों से जालंधर के नरेश कुमार की घर वापसी हो सकी संभव

HighLights

  1. गांव मिठड़ा निवासी नरेश कुमार संत सीचेवाल के प्रयासों से घर लौटे
  2. करीब डेढ़ साल थानों और जेलों में झेलनी पड़ी मानसिक यातनाएं

संवाद सूत्र, शाहकोट/मलसियां। सऊदी अरब में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी कर रहे नरेश कुमार ने जब चार साल बाद परिवार से मिलने के लिए छुट्टी मांगी तो कंपनी ने उन्हें चोरी के झूठे आरोप में फंसा दिया। इसके बाद करीब डेढ़ साल तक उन्हें थानों और जेलों में मानसिक यातनाएं झेलनी पड़ीं। राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल के प्रयासों से जालंधर जिले के गांव मिठड़ा निवासी नरेश कुमार की घर वापसी संभव हो सकी।

2014 में सऊदी अरब गए थे नरेश

सुल्तानपुर लोधी स्थित निर्मल कुटिया में अपनी पत्नी के साथ पहुंचे नरेश कुमार ने बताया कि 2014 में सऊदी अरब गए थे और तीन बार गांव वापस आ चुके थे। जब 2019 में सऊदी अरब गए और चार साल बाद छुट्टी मांगी, तो कंपनी ने उन्हें चोरी के झूठे आरोप में फंसा दिया और एक बंद कमरे में कैद कर दिया।

वहां दिन में सिर्फ दो बार खाना दिया जाता था और बहुत ही छोटे कमरे में बंद रखा गया। उस समय लगने लगा था कि अब जिंदा नहीं बचेंगे।

उनकी पत्नी ने राज्यसभा सांसद संत बलबीर सिंह सीचेवाल के कार्यालय से संपर्क किया, जिसके बाद संत सीचेवाल सऊदी ने अरब स्थित भारतीय दूतावास के माध्यम से हस्तक्षेप किया। दो महीने तक कमरे में कैद नरेश कुमार की रिहाई करवाई।

अदालत में साबित नहीं हुआ कोई आरोप

नरेश कुमार ने बताया कि एंबेसी के हस्तक्षेप से कंपनी से तो बाहर आ गए, लेकिन बाद में कंपनी ने उन्हें झूठे चोरी के मामले में फंसाकर पुलिस के हवाले कर दिया। जहां सात महीने तक जेल में रखा गया। अदालत में जब उन पर कोई आरोप साबित नहीं हुआ तो बरी कर दिया गया, लेकिन फिर भी रिहा नहीं किया गया।

संत सीचेवाल की एक और अपील के बाद भारतीय दूतावास ने दोबारा हस्तक्षेप किया और कंपनी को क्लीयरेंस देने के लिए मजबूर किया। इसके बावजूद कंपनी ने फाइनल क्लीयरेंस को छह महीने तक लटकाए रखा।

नरेश कुमार ने घर वापसी के बाद खुशी जाहिर करते हुए संत सीचेवाल का धन्यवाद किया कि वे हर परिस्थिति में उनके और उनके परिवार के साथ खड़े रहे। नरेश कुमार की पत्नी ने पति की वापसी पर खुशी व्यक्त करते हुए राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल और भारत सरकार का आभार व्यक्त किया।

प्रवासी मजदूर अरब देशों में झूठे मुकदमों में फंसकर हो रहे परेशान

राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने विदेश मंत्रालय और सऊदी अरब स्थित भारतीय दूतावास का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि भारतीय दूतावास की पैरवी से ही नरेश कुमार की घर वापसी संभव हो सकी। यह भी बताया कि प्रवासी मजदूरों को झूठे चोरी के मामलों में फंसाने की घटनाएं बढ़ रही हैं।