जालंधर छावनी, जेएनएन। केंद्र सरकार की ओर से पारित कृषि सुधार कानूनों के खिलाफ पंजाब के किसानों का विरोध जारी है। सोमवार को जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन पर किसान जत्थेबंदियों ने धरना प्रदर्शन करके केंद्र सरकार से कृषि कानून वापस लेने की मांग की। 

प्रदर्शन संयुक्त किसान मोर्चा की अगुआई में किया गया। इस मौके पर किसानों और उनके समर्थकों ने कॉरपोरेट व सरकार विरोधी दिवस मनाकर सरकारी संस्थानों के निजीकरण के खिलाफ अपना विरोध दर्ज करवाया। धरने में मौजूद किसान नेताओं ने कहा कि एक ओर मोदी सरकार किसान और मजदूरों को बर्बाद कर रही है तो दूसरी ओर तेल की कीमत बढ़ाकर आम आदमी पर महंगाई का बोझ डाला जा रहा है। सरकार अन्य विभागों की तरह रेलवे को निजी हाथों में सौंपकर रोजगार के अवसर बंद कर रही है। किसानों ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार पहले ही कई हवाई अड्डों और एयरलाइनों को निजी हाथों में सौंप चुकी है। इस तरह ये सरकार निजी कंपनियों के लिए मुनाफा कमा रही है।

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महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ी

उन्होंने कहा कि विमान को दिया जा रहा ईंधन लगभग 60 रुपये प्रति लीटर है जबकि आम आदमी को मिलने वाला पेट्रोल 90 रुपये प्रति लीटर पार कर गया है। रसोई गैस सिलेंडर पहले 574 रुपये था, जो अब 852 रुपये हो गया है। इससे लोगों पर बहुत बड़ा आर्थिक बोझ पड़ा है। उन्होंने कहा कि दिल्ली बॉर्डर पर आंदोलन के चार महीने बीत जाने पर भी सरकार ने अपना जिद्दी रवैया नही छोड़ा है। केंद्र सरकार के अहंकार को तोड़ने के लिए देशभर में किसान आंदोलन और तेज किया जाएगा।

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