यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 26, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
जालंधर में किसानों ने फिर घेरा North-West Delhi के सांसद हंसराज हंस का घर, लगा ट्रैफिक जाम
Farmers Protest Jalandhar जालंधर में शनिवार को एक बार फिर किसानों ने उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के सांसद हंसराज हंस के घर ...और पढ़ें

जालंधर, जेएनएन। कृषि सुधार कानूनों के विरोध में किसान संगठनों के सदस्यों ने शनिवार को एक बार फिर भाजपा नेताओं को निशाना बनाया है। किसान संगठनों के सदस्यों ने एकत्र होकर उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के सांसद हंसराज हंस के घर का घेराव किया। इससे पहले गत 14 दिसंबर को भी जालंधर में रोष प्रदर्शन के दौरान किसानों ने सांसद हंस का घर घेरकर नारेबाजी की थी।
बता दें कि शुक्रवार को जालंधर कैट में किसान समर्थकों ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती मना रहे भाजपा नेताओं को एक पैलेस में बंद करके हंगामा किया था। शहर में भी किसानों के समर्थन में पूर्व मंत्री और दिग्गज भाजपा नेता मनोरंजन कालिया के आवास को घरकर नारेबाजी की गई थी। शुक्रवार को जालंधर के अलााव बठिंडा,नवांशहर सहित पंजाब के कई शहरों में किसानों नेपूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती समारोह के कार्यक्रमों बाधा डाली थी।
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जालंधर में शनिवार को लिंक रोड स्थित भाजपा सांसद हंस राज हंस के आवास के बाहर नारेबाजी करते हुए किसान यूनियन के सदस्य।
इसके बाद शनिवार को भारतीय किसान यूनियन राजेवाल और मजदूर संघ के सदस्यों ने लिंक रोड स्थित सांसद हंस राज हंस के घर के बाहर रोष प्रदर्शन किया। यूनियन के पदाधिकारी कश्मीर सिंह ने कहा कि किसान खेती करके अपना पेट पाल रहे हैं और केंद्र सरकार उनके साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। केंद्र सरकार ने तीन कृषि सुधार कानून लागू कर उनकी रोजी-रोटी पर लात मारी है। उन्होंने केंद्र सरकार से तीनों कानून वापस लेने की मांग की। इस मौके पर महासचिव कुलविंदर सिंह, आशियाना परगट सिंह सरावली, अमरजोत सिंह ,गुरविंदर सिंह भट्टी के अलावा यूनियन के अन्य सदस्य व पदाधिकारी मौजूद थे।
ट्रैफिक पुलिस ने वाहन चालकों को दूसरे रास्ते से निकाला
किसानों यूनियन के सदस्यों ने लंबे समय तक सांसद हंसराज हंस के घर के बाहर प्रदर्शन करके अपना रोष जाहिर किया। इसकी वजह से ट्रैफिक जाम लग गाय और मौके से गुजरने वाले लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। पुलिस को ट्रैफिक दूसरे रास्ते से निकालना पड़ा।
