यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 11, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
जालंधर के 20,000 कुत्ताें की होगी नसबंदी व नलबंदी, निगरानी करेगी नई स्ट्रे एनिमल कंट्रोल कमेटी
निगम के रिकार्ड के अनुसार शहर में इस समय करीब 40 हजार से ज्यादा कुत्ते हैं। इनमें से करीब 20 ...और पढ़ें

जालंधर, जेएनएन। शहर में लावारिस आवारा कुत्ताें की समस्या पर अब लगाम लग सकती है। नगर निगम ने एक ही दिन में दो बड़े फैसले लेकर इसके संकेत दिए हैं। शहर को अब छह जोन में बांटकर लावारिस कुत्ताें की नसबंदी और नलबंदी की जाएगी। इसके साथ ही पूरे प्रोजेक्ट की मानिटरिंग के लिए एक नई कमेटी स्ट्रे एनिमल कंट्रोल एडहाक कमेटी का गठन भी कर दिया गया। यह कमेटी बेसहारा पशुओं को गोशाला में पहुंचाने के लिए काम करेगी और कुत्तों के आपरेशन के लिए चलाए जा रहे एनिमल बर्थ कंट्रोल प्रोजेक्ट की भी मानिटरिंग करेगी।
शहर में 40 हजार लावारिस कुत्ते
निगम के रिकार्ड के अनुसार शहर में इस समय करीब 40 हजार से ज्यादा कुत्ते हैं। इनमें से करीब 20 हजार के आपरेशन हो चुके हैं लेकिन कुत्तों की गिनती लगातार बढ़ रही है। कुत्तों के लोगों को काटने के मामले भी बढ़ रहे हैं। ऐसे में एनिमल बर्थ कंट्रोल प्रोजेक्ट को बेहतर ढंग से लागू करना निगम के लिए बड़ी चुनौती बन गया था। इसी कारण एक ही दिन में ये दोनों फैसले लिए गए।
डा. राजकमल को आपरेशन की जिम्मेदारी
निगम की हेल्थ एंड सैनिटेशन एडहाक कमेटी ने मीटिंग कर कुत्तों के आपरेशन करने के अभियान की जिम्मेदारी डा. राजकमल और चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर सोनी गिल को दी। मीटिंग में फैसला भी लिया है कि नंगलशामा स्थित डाग कंपाउंड के दौरान डाग्स के शरीर से निकलने वाले अंगों को मशीन लगाकर भस्म किया जाएगा और कोई भी अंग किसी भी बायोवेस्ट कंपनी को नहीं दिया जाएगा। मीटिंग में पार्षद जगदीश समराए, अवतार सिंह, ज्वाइंट कमिश्नर हरचरण सिंह, डा. राजकमल मौजूद रहे।
