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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 24, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

National Bravery Award के लिए चुनी गई पंजाब की कुसुम, हाथ कटने पर भी स्नैचर से भिड़ गई थी जालंधर की बेटी

By Pankaj DwivediEdited By:
Published: Wed, 24 Feb 2021 12:20 AM (IST)Updated: Wed, 24 Feb 2021 12:06 PM (IST)

National Bravery Award अगस्त 2020 में जालंधर के दीन दयाल उपाध्याय नगर में बाइक सवार स्नैचर ने कुसुम का मोबाइल ...और पढ़ें

भारतीय बाल कल्याण समिति जालंधर की कुसुम को राष्ट्रीय बहादुरी पुरस्कार से नवाजा है। (फाइल फोटो)
भारतीय बाल कल्याण समिति जालंधर की कुसुम को राष्ट्रीय बहादुरी पुरस्कार से नवाजा है। (फाइल फोटो)

जालंधर, जेएनएन। 30 अगस्त, 2020 को दीन दयाल उपाध्याय नगर में दातर लिए मोबाइल स्नैचर से भिड़कर उसे दबोचने वाली कुसुम को राष्ट्रीय बहादुरी पुरस्कार के लिए चुना गया है। 15 साल की जालंधर की बेटी की बहादुरी को सलाम करते हुए भारतीय बाल कल्याण समिति (Indian Council of Child Welfare) ने उसे इस अवार्ड से पुरस्कृत करने का फैसला लिया है। कुसुम को यह पुरुस्कार अगले महीने राष्ट्रीय स्तर पर होने वाली गतिविधियों के दौरान प्रदान किया जाएगा।

लाला जगत नारायण डीएवी मॉडल स्कूल की आठवीं की छात्रा कुसुम को राष्ट्रीय बहादुरी अवार्ड के लिए डीसी घनश्याम थोरी बधाई दी है। उन्होंने कहा कि कुसुम की बहादुरी पर पूरे शहर को नाज है। कुसुम बाकी लड़कियों के लिए एक आइकॉन है। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी कुसुम की हिम्मत और हौसले की प्रशंसा करते हुए पिछले साल 1 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की थी। अब यह नया सम्मान मिलने के बाद कुसुम का परिवार गौरवान्वित महसूस कर रहा है। डीसी ने बताया कि इस पुरस्कार के लिए पिछले साल सितंबर में कुसुम के नाम की सिफारिश की गई थी। इसे अब इंडियन चाइल्ड वेलफेयर कौंसिल ने मंजूरी दे दी है। 

पीएपी फ्लाईओवर के नीचे कुसुम की ग्रैफिटी- बहादुरी की मिसाल 

जालंधर के पीएपी फ्लाईओवर के नीचे बनी कुसुम की ग्रैफिटी-बहादुरी की मिसाल कुसुम।

जिला प्रशासन ने पीएपी फ्लाईओवर के नीचे कुसुम को एक ग्राफिटी भी समर्पित की है। इस पर लिखा है, बहादुरी की मिसाल। जिला प्रशासन ने कुसुम को 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' मिशन का ब्रांड एंबेसडर बनाने की घोषणा की है। बाद में पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने भी कुसुम को नया मोबाइल फोन देने के साथ पचास हजार की वित्तीय सहायता की थी। 

जानें, कैसे लुटेरे से भिड़ी थी कुसुम 

पिछले साल दीन दयाल उपाध्याय नगर में बाइक सवार एक मोबाइल स्नैचर ने कुसुम का मोबाइल छीन लिया था। उसका साथी बाइक पर इंतजार कर रहा था। इसके बाद कुसुम अकेले ही स्नैचर से भिड़ गई थी। लुटेरे ने दातर से उस पर हमला करके हाथ काट दिया पर उसने हिम्मत नहीं हारी। वह लड़ती रही और अंत में आसपास के लोगों की मदद से लुटेरे को काबू करके पुलिस के हवाले कर दिया। घटना के समय कुसुम आनलाइन क्लास लगाने जा रही थी।

वायरल हो गई थी वीडियो

मोबाइल स्नैचर से भिड़ने की कुसुस की वायरल हुई वीडियो की फुटेज।

उस दिन कुसुम की बहादुरी ने सारी दुनिया में सुर्खियां बटोरी थी। लोगों ने जब देखा कि मोबाइल छीने जाने के बाद वह कैसे अकेले ही लुटेरे पर भारी पड़ी तो वे दंग रह गए। इसकी वीडियो वायरल होने के बाद कुसुम की बहादुरी की पूरे देश में चर्चा हुई थी।