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    जालंधर में Liquid oxygen की कमी से प्रशासन चिंतित, डीसी ने मांगी 50 मीट्रिक टन की सप्लाई

    By Vikas_KumarEdited By:
    Updated: Sat, 24 Apr 2021 01:11 PM (IST)

    जालंधर के डिप्टी कमिश्नर घनश्याम थोरी ने इस संबंध में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के पंजाब प्रमुख को पत्र लिखकर 50 मीट्रिक टन लिक्विड आक्सीजन की मांग की है। पत्र में उन्होंने लिखा है कि कोरोना के बढ़ते मामलों में बीच जिले में लिक्विड आक्सीजन की अधिक से अधिक आवश्यकता है।

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    आक्सीजन के स्टाक को लेकर जालंधर हाई रिस्क पर है।

    जालंधर, जेएनएन। जिले में कोरोना के लगातार बढ़ रहे मामलों के बीच लिक्वि़ड आक्सीजन की कमी ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। डिप्टी कमिश्नर घनश्याम थोरी ने इस संबंध में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के पंजाब प्रमुख को पत्र लिखकर 50 मीट्रिक टन लिक्विड आक्सीजन की मांग की है। पत्र में उन्होंने लिखा है कि कोरोना के बढ़ते मामलों में बीच जिले में लिक्विड आक्सीजन की अधिक से अधिक आवश्यकता है। ऐसे में जालंधर को जल्द से जल्द लिक्विड आक्सीजन भिजवाई जाए।

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    बता दें कि आक्सीजन के स्टाक को लेकर जालंधर हाई रिस्क पर है। अगर एक सप्ताह में लिक्विड आक्सीजन नहीं मिली तो बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। आक्सीजन सिलेंडर भरने वाले प्लांट संचालकों की माने तो बीस दिन से जालंधर में लिक्विड आक्सीजन की सप्लाई ही नहीं हुई। मजबूरन दोनों प्लांटों ने वैकल्पिक रास्ता अपनाया है और एयरबेस प्लांट चलाकर हवा से आक्सीजन लेकर सिलेंडरों को किसी तरह भरकर सप्लाई कर रहे हैं।

    जालंधर में फिलहाल इंडियन एयर प्लांट व शक्ति क्रियोजेनिक हवा बेस प्लांट से अस्पतालों को सप्लाई दी जा रही है। लिक्विड नहीं आने से तीसरा प्लांट बंद पड़ा है, बाकी दोनों एयरबेस प्लांट से काम चला रहे हैं। इस बारे में डीसी घनश्याम थोरी भी राज्य सरकार को लिक्विड आक्सीजन की सप्लाई सुचारू करवाने के लिए लिख चुके है लेकिन सप्लाई नहीं हो पा रही।

    रोज दो टैंकर की डिमांड

    शक्ति क्रायोजेनिक के मालिक राजन गुप्ता ने कहा कि जालंधर को बद्दी व पानीपन के प्लांट से लिक्विड पहुंचता है। बीस दिन से लिक्विड आक्सीजन की नहीं मिली। लिक्विड आक्सीजन मुहैया हो जाए तो प्लांट में एक दिन में रोजाना 2400 सिलेंडर आक्सीजन तैयार हो सकती है लेकिन अभी आधी भी नहीं हो रही।रोज दो आक्सीजन टैंकर लिक्विड चाहिए। एक टैंक में बीस टन लिक्विड आक्सीजन होती है। उससे 1800 सिलेंडर आक्सीजन के भरे जा सकते है।