भारतीय सेना के जवान गुरभेज व हरप्रीत ने पाक को भेजे थे सेना के 900 गोपनीय दस्तावेज, पठानकोट में हुुई थी दोस्ती
पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले भारतीय सेना के जवान गुरभेज और हरप्रीत की दोस्ती पठानकोट में हुई थी। कोर्ट ने उन्हें सात दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है। उनसे पूछताछ जारी है। इसमें कई अहम खुलासे हो सकते हैं।

जागरण संवाददाता, जालंधर। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसआइ को सेना के गोपनीय दस्तावेज और तस्वीरें उपलब्ध करवाने के मामले में पंजाब पुलिस ने गिरफ्तार किए गए सेना के दोनों जवानों का सात दिन का रिमांड हासिल किया है। पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया है कि दोनों ही आरोपित जवान गुरभेज और हरप्रीत ने सेना की दो महीने की घातक ट्रेनिंग भी की है।
गुरभेज व हरप्रीत कुछ समय के लिए दोनों पठानकोट एयरबेस पर भी तैनात रहे हैैं। इन दोनों की वहीं पर मुलाकात हुई थी और वहीं पर दोस्ती हुई, क्योंकि पठानकोट एयरबेस पर आतंकी हमला हो चुका है। इसलिए इन दोनों से गहनता से पूछताछ की जा रही है कि इन दोनों ने किस तरह की सूचनाएं नशा तस्करों के साथ साझा की थीं।
सूत्रों के अनुसार पूछताछ में पता चला है कि आइएसआइ एजेंटों को एनक्रिप्टेड एप के जरिए भेजे गए सेना के करीब 900 गोपनीय दस्तावेज और तस्वीरें आगे शेयर करने के लिए उन्होंने पूरा चैनल बनाया हुआ था। करगिल में तैनात गुरभेज यह जानकारियां अपने दोस्त सिपाही हरप्रीत को भेजता था। इसके बाद हरप्रीत यह जानकारियां अमृतसर में अपने गांव के रहने वाले तस्कर रणबीर को देता था। फिर रणवीर इन जानकारियों को सीमा पार बैठे आइएसआइ के एजेंटों को पहुंचा देता था।
बता दें कि पंजाब पुलिस ने अमृतसर के रहने वाले हेरोइन तस्कर रणवीर और उसके दोस्त गोपी से नशा तस्करी को लेकर पूछताछ की थी तो इनमें से गोपी ने सेना के दोनों जवानों का नाम लिया था। उसने कहा था कि वह पाकिस्तानी तस्करों को सेना की गोपनीय जानकारियां भेजते रहे हैैं और इसमें यह दोनों जवान उनका साथ देते हैैं। पुलिस ने जासूसी का मामला सामने आने के बाद सेना को इस बारे में जानकारी दी थी। सेना की जांच में भी उनकी गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं। जिसके बाद सेना ने दोनों आरोपितों को श्रीनगर में पुलिस को सौंप दिया था। जहां से पंजाब पुलिस की टीम ट्रांजिट रिमांड पर उन्हें जालंधर लेकर आई है।
केंद्रीय जांच एजेंसियों की मामले पर नजर
मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा होने के कारण सेना के गोपनीय दस्तावेज आइएसआइ को भेजने के मामले में केंद्रीय जांच एजेंसियों ने भी मामले पर अपनी नजर बनाई हुई है। सूत्रों के अनुसार जांच एजेंसियां दोनों ही आरोपितों से जुड़े लोगों पर भी नजर रख रही हैैं।
एनक्रिप्टेड एप और मोबाइल की होगी फारेंसिक जांच
जालंधर ग्रामीण के एसएसपी नवीन ङ्क्षसगला ने कहा कि आरोपितों के मोबाइल कब्जे में लेकर फारेंसिक जांच के लिए भेज दिए गए हैैं। इसके साथ ही एनक्रिप्टेड एप की भी फारेंसिक जांच की जा रही है। इससे पता चल सकेगा कि इन लोगों ने सेना से जुड़ी गोपनीय जानकारियों को किन-किन लोगों भेजा था।
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