जागरण संवाददाता, गुरदासपुर। संदिग्ध परिस्थितियों में ससुराल में महिला की मौत के बाद पति सहित तीन लोगों को जेल हो गई। मामले में नया मोड़ उस समय आया, जब पति ने कोर्ट में बताया कि उसकी शादी को केवल छह महीने हुए हैं लेकिन मौत के समय पत्नी छह महीने की गर्भवती थी। इस कारण उन्होंने कोर्ट से इंसाफ की मांग की। इसके बाद कोर्ट ने महिला की कब्र खोदकर शव को निकाल कर उसके पेट में मरे बच्चे व उसके पति का डीएनए मैच करवाने के निर्देश दिए हैं। वीरवार को डेढ़ महीने बाद गर्भवती महिला का शव कब्र से निकाला गया।

गुरदासपुर के गांव धारीवाल खिंचीया की मिन्नी की शादी इसी साल 26 फरवरी को मुकेरियां के गांव कोहलियां में जोन मसीह के साथ हुई थी। 8 अगस्त  को मिन्नी की अपने ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उसके स्वजनों ने ससुराल वालों पर हत्या का आरोप लगाया था। इस पर पुलिस ने मिन्नी के पति सहित तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। तीनों अब जेल में बंद हैं और मामला कोर्ट में भी विचाराधीन है।

इसी बीच मिन्नी के ससुरालियों ने कोर्ट में केस दायर किया कि मरते समय मिन्नी छह महीने से अधिक की गर्भवती थी जबकि उसकी शादी को मात्र छह महीने से ही हुए थे। कोर्ट ने मामले की जांच के लिए पुलिस को मिन्नी का शव कब्र से निकाल कर उसके बच्चे व पति का डीएनए जांचने के निर्देश दिए हैं। 

तहसीलदार मुकेरियां विकास, पुलिस अधिकारी मनदीप व अन्य पुलिस पार्टी के साथ वीरवार को गांव धारीवाल खिंचीया पहुंचे। पुलिस टीम ने करीब डेढ़ महीने बाद कब्र खोदकर मिन्नी के शव को बाहर निकाला और डीएनए जांच करवाने के लिए उसे अपने साथ मुकेरियां ले गए।

मां बोली, मेरी बेटी को बदनाम करने का प्रयास

उधर, मिन्नी की मां सर्वजीत व चाचा अमरीक ने कहा कि मिन्नी के ससुराल वालों केस से बचने के लिए झूठे आरोप लगाकर मिन्नी के शव की बेअदबी की है। उनकी मृत बेटी को बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है। तहसीलदार विकास ने बताया कि कोर्ट के निर्देश पर शव को बाहर निकाला गया है। डीएनए जांच के बाद उसे फिर इसी जगह पर लाकर दफना दिया जाएगा। 

Edited By: Pankaj Dwivedi