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    Govt Bank Strike Today: जालंधर में 5000 बैंक कर्मचारी हड़ताल पर बैठे, SBI ब्रांच के बाहर किया रोष प्रदर्शन

    By Vikas_KumarEdited By:
    Updated: Mon, 15 Mar 2021 11:30 AM (IST)

    Govt Bank Strike Today सरकारी बैंकों का निजीकरण किए जाने के खिलाफ जालंधर में बैंक कर्मी हड़ताल पर बैठ गए है। सोमवार को बैंक कर्मी एसबीआई की मेन ब्रांच में एकत्रित हुए और केन्द्र सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया।

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    बैंकों की दो दिवसीय हड़ताल से 8 करोड़ का कारोबार प्रभावित होगा।

    जालंधर, [कमल किशोर]। पब्लिक सेक्टर बैंकों निजीकरण किए जाने को लेकर बैंक कर्मी हड़ताल पर बैठ गए है। सोमवार को बैंक कर्मी एसबीआई की मेन ब्रांच में एकत्रित हुए और केन्द्र सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया। दो दिवसीय हड़ताल से आठ करोड़ का कारोबार प्रभावित होगा।

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    यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियन के बैनर तले बैंक हड़ताल की जा रही है। पहले दिन बैंक में कोई कार्य नहीं हुआ। बैंकों के बाहर तला जड़ा रहा। फोरम के सदस्यों ने कहा कि बजट में दो पब्लिक सेक्टर बैंक को प्राइवेट करने की तैयारी है जो सरासर गलत है। सरकार प्राइवेट को बढ़ावा दे रही है। पहले भी सरकार बैंकों को एक दूसरे में मर्ज कर रही है। दो दिन की हड़ताल में ना ही नकद की ट्रांस्जेक्शन( लेन-देन) होगी, ना ही चेक क्लीयर होंगे।

    दो दिन में 800 करोड़ की नकद ट्रांस्जेक्शन नहीं होगी

    दो दिन की हड़ताल से 800 करोड़ रुपए का कारोबार प्रभावित होगा। 400 करोड़ के चेक क्लीयर नहीं होंगे। दो दिन में 60 हजार चेक क्लीयर नहीं होंगे। जिले में 800 व शहर में 350 बैंक शाखाएं है। जिले में पांच हजार कर्मचारी कार्य कर रहे है। शहर में 3000 कर्मचारी कार्य कर रहे है।

    इन मांगों को लेकर करेंगे कर्मचारी हड़ताल

    -दो पब्लिक सेक्टर बैंक का निजीकरण किया जाना

    -12 लाख करोड़ ऋण एनपीए हो रहा है।

    -बैंक का निजीकरण बंद किया जाए

    -भर्ती खोली जाए

    यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियन के कंनीवर अमृतलाल ने बताया कि केन्द्रीय बजट में दो पब्लिक सेक्टर बैंकों की निजीकरण करना सरासर गलत है। सरकार प्राइवेट को बढ़ावा दे रही है। 12 लाख करोड़ के करीब ऋण एनपीए हो रहा है, सरकार सख्त कदम नहीं उठा रही है। कारपोरेट जगत से जुड़े लोगों ने ऋण ले रखा है जो देने के नाम नहीं ले रहे है।

    यूनियन के सदस्य कंवलजीत सिंह कालड़ा ने बताया कि सरकार पहले भी कई बैंकों को मर्ज कर चुकी है। सरकार का बैंकों को निजीकरण करने का फैसला सरासर गलत है। दो दिन की हड़ताल से आठ करोड़ का कारोबार प्रभावित होगा। ना चेक क्लीयर होंगे, ना ट्रांस्जेक्शन होगा।

     

     

     

     

     

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