जागरण संवाददाता, जालंधर। जालंधर में अष्टमी को लेकर बुधवार को दुर्गा मां की अष्टम स्वरूप मां महागौरी की पूजा-अर्चना की गई। इसके साथ ही शारदीय नवरात्र भी संपन्न करते हुए लोगों ने कंजक पूजन किया। वहीं घर में खेत्री की बिजाई करने वाले मां भक्तों ने इसे विसर्जन भी किया। इस बार शारदीय नवरात्र में 9 की बजाए आठ नवरात्र मनाए गए हैं। जिसके तहत एक दिन में दो नवरात्र एक साथ मनाए गए थे। वहीं बुधवार को श्रद्धालुओं ने मां के आठवें स्वरूपों की पूजा करते हुए कंजक पूजन भी किया। इस दौरान भक्तों ने हलवा, पूरी, चने तथा अन्य पकवान तैयार करके मां भगवती को भोग लगाने के उपरांत कंजकों में वितरित किया। उधर, श्री महालक्ष्मी मंदिर जेल रोड, प्राचीन शिव मंदिर गुड़ मंडी मां चिंतपूर्णी मंदिर माई हिरां गेट में तड़के से ही भक्तों की कतारें लगनी शुरू हो गई। इस क्रम में श्रद्धालुओं ने नवरात्र पूजन किया। शहर की पॉश कालोनियों में कंजक पूजन के दौरान कंजकों की कमी भी खली।

यह भी पढ़ें-  Punjab : पराली को खेत में दबा किसान बचा रहे यूरिया का खर्च, मलचर, हैप्पी सीडर व एमवी पुलाव से हो रहा पराली प्रबंधन

दुर्गाष्टमी का महत्व

श्री हनुमान मंदिर बर्तन बाजार के प्रमुख पुजारी पंडित बसंत शास्त्री बताते हैं कि देवी का अष्टम स्वरूप महागौरी का है। इसे श्री दुर्गाष्टमी भी कहा जाता है। भगवती का सुंदर, सौम्य, मोहक स्वरूप महागौरी में विद्यमान है। सिंह की पीठ पर सवार व उनके मस्तक पर चंद्र का मुकट सुशोभित है। उनकी चार भुजाओं में शंख, चक्र, धनुष तथा बाण हैं। उनकी निरंतर पूजा-अर्चना करने से तन व मन को शांति प्राप्त होती है।

यह भी पढ़ें-  पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल बोले- हमें वोट डालें व शिअद-बसपा की सरकार बनाएं, जिस कामेडियन की मांग करेंगे उसे हायर कर लेंगे

यह भी पढ़ें-  गुरदासपुर के अवैध बूचड़खाने में हथौड़े से गायों को मारा जा रहा था, आधी रात पुलिस आपरेशन में 11 दरिंदे चढ़े हत्थे

 

Edited By: Vinay Kumar