जालंधर सिविल अस्पताल में मदद का इंतजार करती रही महिला, लैब के बाहर ही बच्चे को दे दिया जन्म
जालंधर सिविल अस्पताल में महिला ने लैब के बाहर बच्चे को जन्म दिया। स्टेचर पर चादर नहीं थी। अस्पताल प्रशासन ने आपात स्थिति में जल्दबाजी की बात कही।

जालंधर सिविल अस्पताल की फाइल फोटो।
HighLights
महिला ने सिविल अस्पताल की लैब के बाहर बच्चे को जन्म दिया।
प्रसव पीड़ा के दौरान स्टाफ स्टेचर लाने में देरी कर गया।
मां और नवजात दोनों की हालत फिलहाल स्वस्थ बताई जा रही है।
जागरण संवाददाता, जालंधर। जालंधर के सिविल अस्पताल में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक महिला ने कृष्णा लैब के बाहर ही बच्चे को जन्म दे दिया। महिला को प्रसव पीड़ा होने के बाद अस्पताल का स्टाफ उसके लिए स्टेचर लेकर पहुंचा, लेकिन इससे पहले ही उसने बच्चे को जन्म दे दिया। घटना के बाद महिला और नवजात को तुरंत अस्पताल में भर्ती किया गया। फिलहाल दोनों की हालत स्वस्थ बताई जा रही है।
महिला की पहचान गोराया निवासी सुशीला के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि सुशीला के पहले से चार बच्चे हैं और यह उसका पांचवां बच्चा है। महिला जांच के लिए अस्पताल पहुंची थी। इसी दौरान उसे अचानक तेज प्रसव पीड़ा होने लगी। वह कृष्णा लैब के बाहर खड़ी थी।
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डॉक्टरों ने देखा तो मंगाया स्टेचर
अस्पताल की मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. नमिता घई ने बताया कि डॉक्टर राउंड पर जा रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर महिला पर पड़ी। महिला को तेज प्रसव पीड़ा हो रही थी। डॉक्टरों ने स्थिति को देखते हुए तत्काल अस्पताल के स्टाफ को स्टेचर लाने के लिए कहा, ताकि महिला को प्रसव कक्ष तक पहुंचाया जा सके।
स्टाफ स्टेचर लेकर मौके पर पहुंचा, लेकिन तब तक महिला की प्रसव पीड़ा काफी बढ़ चुकी थी। महिला ने स्टेचर पर ही बच्चे को जन्म दे दिया। इसके बाद चिकित्सकों और स्टाफ ने तुरंत महिला और नवजात को संभाला तथा दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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बदहाली पर उठा सवाल
इस घटना के दौरान अस्पताल की व्यवस्था से जुड़ा एक और सवाल सामने आया। जिस स्टेचर पर महिला ने बच्चे को जन्म दिया, उस पर चादर तक नहीं बिछी थी। अस्पताल में प्रसव जैसी स्थिति में मरीज को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के साथ जरूरी स्वच्छता व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे।
मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. नमिता घई ने इस संबंध में कहा कि घटना अचानक हुई थी और महिला को तेज प्रसव पीड़ा हो रही थी। आपात स्थिति को देखते हुए स्टाफ ने बिना समय गंवाए स्टेचर पहुंचाया। जल्दबाजी के कारण उस पर चादर नहीं बिछाई जा सकी।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार प्रसव के बाद महिला और नवजात को तत्काल चिकित्सकीय देखरेख में लिया गया। दोनों की हालत फिलहाल ठीक बताई जा रही है। चिकित्सकों की निगरानी में महिला और बच्चे को आवश्यक उपचार दिया गया।
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