ED के पंचनामे पर हरपाल चीमा ने उठाए सवाल, बोले- आरोप सबूत नहीं होते; साझा किया 23 सितंबर की तलाशी का दस्तावेज
हरपाल चीमा ने गुरप्रीत सैणी के साहनेवाल स्थित घर की ईडी तलाशी का पंचनामा साझा कर कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आरोप अपने आप सबूत नहीं होते।

कैबिनेट मिनिस्टर हरपाल चीमा।
HighLights
वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने ईडी की कार्रवाई पर सवाल उठाए।
मंत्री हरदीप मुंडियां के रिश्तेदार के घर तलाशी का पंचनामा साझा।
चीमा ने आरोप लगाया, ईडी का उपयोग राजनीतिक दबाव बनाने को।
रोहित कुमार, चंडीगढ़। पंजाब में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई को लेकर सियासी घमासान के बीच वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक पोस्ट डालकर ईडी की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। चीमा ने अपनी पोस्ट के साथ मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां के रिश्तेदार गुरप्रीत सिंह सैणी उर्फ प्रिंस के साहनेवाल स्थित घर पर हुई तलाशी का पंचनामा भी साझा किया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है। चीमा ने लिखा कि ईडी लगातार राजनीतिक डराने-धमकाने का माध्यम बनती जा रही है। उन्होंने कहा कि छापे, लंबे समय तक पूछताछ और सरकारी कार्यालयों की कार्रवाई के जरिये डर और दबाव का माहौल बनाया जा रहा है। हालांकि आरोप सबूत नहीं होते और किसी भी जांच का अंतिम आधार वही होना चाहिए जो वास्तव में स्थापित हो।
चीमा ने लिखा कि पंजाब को डराया, दबाव में लाया या चुप नहीं कराया जा सकता। पोस्ट के अंत में उन्होंने लिखा कि पंजाब देख रहा है, पंजाब याद रखता है और पंजाब जवाब देगा। उन्होंने पोस्ट में भाजपा को भी टैग किया है।
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पंचनामा में क्या दर्ज है
चीमा ने जिस दस्तावेज को साझा किया है, उसमें दर्ज है कि ईडी की टीम 23 सितंबर 2026 को दोपहर 2.50 बजे गुरप्रीत सिंह सैणी उर्फ प्रिंस के साहनेवाल स्थित आवास पर पहुंची। टीम ने तलाशी के लिए 23 सितंबर को जारी ऑथराइजेशन नंबर 47 ऑफ 2026 दिखाया। दस्तावेज के मुताबिक यह प्राधिकरण पीएमएलए की धारा 17 के तहत प्रवर्तन निदेशालय की उप निदेशक रचना छोकर ने जारी किया था।
पंचनामा के अनुसार सहायक निदेशक प्रशांत जड्डली की अगुआई में टीम में प्रवर्तन अधिकारी शेलीप्रीत सिंह कंग, सहायक प्रवर्तन अधिकारी नमन सिंह और रिषभ गर्ग शामिल थे। टीम के साथ 102 सीआरपीएफ के पुरुष सुरक्षा कर्मी भी मौजूद थे। दस्तावेज में दो पंच गवाहों प्रितिका ठाकुर और भारत राज की मौजूदगी दर्ज है। दोनों निजी बैंकों में कार्यरत बताए गए हैं।
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मां ने खोला दरवाजा, फोन बंद मिला
पंचनामा के अनुसार टीम के पहुंचने पर गुरप्रीत सिंह की मां मनजीत कौर ने दरवाजा खोला। उन्होंने बताया कि घर में उनके अलावा परिवार के अन्य सदस्य और नवजात बच्ची मौजूद थी, जबकि गुरप्रीत सिंह और उनकी पत्नी तजिंदर कौर नौकरी पर गए थे।
ईडी अधिकारियों ने मनजीत कौर को तलाशी प्राधिकरण दिखाया। इसके बाद उनकी मौजूदगी में गुरप्रीत सिंह को फोन कर तलाशी में शामिल होने के लिए बुलाया गया। पंचनामा में दर्ज है कि उन्होंने करीब डेढ़ घंटे में पहुंचने की बात कही। करीब 3.30 बजे उनकी पत्नी भी घर पहुंच गईं। बाद में परिवार ने उनसे कई बार संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उनका मोबाइल फोन बंद होने के कारण संपर्क नहीं हो सका।
पंचनामा तलाशी की प्रक्रिया और उस समय मौजूद लोगों का दस्तावेजी रिकॉर्ड है। इससे अपने आप किसी व्यक्ति के खिलाफ अपराध या अवैध धन की पुष्टि नहीं होती। ईडी की जांच के अंतिम निष्कर्ष अलग विषय हैं।
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