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जालंधर में बस स्टैंड डिपो में रोडवेज कर्मचारियों और दो भाइयों में झगड़ा; पुलिस मौजूदगी में मारपीट, एक घायल हुआ

Published: Wed, 28 Jan 2026 11:43 AM (IST)

जालंधर के बस स्टैंड स्थित पंजाब रोडवेज डिपो नंबर दो में बुधवार रात रोडवेज कर्मचारियों और दो भाइयों के बीच ...और पढ़ें

झगड़े के बाद पहुंची पुलिस जांच करते हुए।

झगड़े के बाद पहुंची पुलिस जांच करते हुए।

HighLights

  1. रोडवेज डिपो में कर्मचारियों और भाइयों के बीच विवाद।

  2. कार पार्किंग को लेकर शुरू हुआ झगड़ा मारपीट में बदला।

  3. पुलिस की मौजूदगी में एक युवक गंभीर रूप से घायल।

जागरण संवाददाता, जालंधर। जालंधर के बस स्टैंड के समीप स्थित पंजाब रोडवेज के डिपो नंबर दो में बुधवार रात उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब रोडवेज कर्मचारियों और दो भाइयों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ। देखते ही देखते यह विवाद झगड़े और मारपीट में बदल गया। जिसमें एक युवक को गंभीर चोटें आईं।

घायल युवक के बड़े भाई ने पुलिस की मौजूदगी में मारपीट होने और इलाज न करवाकर उल्टा परेशान करने के आरोप लगाते हुए बस स्टैंड चौकी में जमकर हंगामा किया। पीड़ित युवक के बड़े भाई अमित ने बताया कि वह तीन भाइयों में सबसे बड़ा है। उसका सबसे छोटा भाई इमीग्रेशन का काम करता है और बुधवार रात वह किसी दस्तावेज को लेने के लिए बस स्टैंड स्थित रोडवेज डिपो नंबर दो की वर्कशॉप के बाहर पहुंचा था।

इस दौरान उसने डिपो के गेट के बाहर अपनी कार खड़ी की, जिसको लेकर वहां मौजूद रोडवेज कर्मचारियों के साथ उसकी कहासुनी हो गई। आरोप है कि बहस बढ़ने के बाद रोडवेज कर्मचारियों ने उसके छोटे भाई के साथ हाथापाई की और उसे जबरन डिपो के एक केबिन में ले जाकर बंद कर दिया।

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छोटे भाई को बंदी बनाने का आरोप

अमित के अनुसार, छोटे भाई ने खुद को केबिन में बंद देख दूसरे भाई अंकित को फोन कर मदद मांगी। अंकित जब मौके पर पहुंचा तो उसने केबिन का दरवाजा खोलने की कोशिश की, लेकिन दरवाजा नहीं खुला। इसके बाद जोर लगाने पर केबिन का दरवाजा टूट गया और वह अपने छोटे भाई को बाहर लेकर जाने लगा।

आरोप है कि इसी दौरान दोबारा रोडवेज कर्मचारी मौके पर पहुंचे और अंकित को घसीटते हुए डिपो के अंदर ले गए। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि डिपो के अंदर करीब 20 से 25 रोडवेज कर्मचारियों ने पुलिस की मौजूदगी में अंकित के साथ मारपीट की, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

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पुलिस ने आरोपों को किया खारिज

अमित का कहना है कि पुलिस ने उसके भाई को बचाने के बजाय उसे पकड़कर थाने ले गई और मेडिकल इलाज करवाने की बजाय उसे हिरासत में बैठा लिया। घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने बस स्टैंड चौकी में हंगामा कर पुलिस पर लापरवाही के आरोप लगाए।

वहीं बस स्टैंड चौकी के इंचार्ज मोहिंदर सिंह ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनकी टीम युवक को झगड़े के दौरान भीड़ से बचाकर थाने लेकर आई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि युवक को हिरासत में नहीं लिया गया, बल्कि उसके बयान दर्ज किए जा रहे थे। पुलिस के अनुसार पूरे मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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