BSF कर्मचारी ने क्रेडिट कार्ड की स्टेटमेंट के लिए इंटरनेट पर ढूंढा कस्टमर केयर का नंबर, फिर ऐसे लगा 50000 का चूना
साइबर अपराधियों के लोगों को ठगने के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। जालंधर के फ्रंटियर हेड क्वार्टर में तैनात बीएसएफ कर्मचारी को एक ठग ने खुद को एक निजी बैंक का कर्मचारी बताते हुए बीएसएफ कर्मचारी के 50000 रुपए पर हाथ साफ कर दिया।

जालंधर, जेएनएन। महानगर में साइबर अपराधियों के लोगों को ठगने के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा घटना जालंधर के फ्रंटियर हेड क्वार्टर में तैनात बीएसएफ कर्मचारी के साथ हुई है, जहां एक ठग ने खुद को एक निजी बैंक का कर्मचारी बताते हुए बीएसएफ कर्मचारी के 50,000 रुपए पर हाथ साफ कर दिया। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने इन ठगों के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
बीएसएफ में तैनात इंजीनियर रोहित दिवाकर ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि उन्होंने एक निजी बैंक का क्रेडिट कार्ड लिया था और उसकी स्टेटमेंट की जानकारी लेने के लिए गूगल पर कस्टमर केयर का नंबर सर्च किया था। जब उस नंबर पर रोहित दिवाकर नाम के व्यक्ति ने काल की। उस व्यक्ति ने पहले उनकी कार्ड की डिटेल और फिर ओटीपी मांगा, जिसके बाद उनके क्रेडिट कार्ड से करीब 50 हजार रुपये अपने अकाउंट में ट्रांसफर कर लिए।
पुलिस की शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि जिन अकाउंट में पैसे ट्रांसफर किए गए हैं, वह राजस्थान के नागौर जिले के मुकेश कुमार और बागी राम, पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के मन्ना के साथ-साथ बिहार के सहरसा जिले के तनवीर खान के नाम पर है। अकाउंट नंबर सामने आने के बाद पुलिस ने इन सभी आरोपितों से जांच में शामिल होने के लिए कहा। लेकिन दूसरी तरफ से कोई भी जवाब नहीं आया। इसके बाद पुलिस ने मामले में केस दर्ज करते हुए सभी आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। हालांकि जिस नंबर से रोहित दिवाकर को कॉल की गई थी, वह नंबर किसी राहुल कुमार नाम के व्यक्ति के नाम पर रजिस्टर्ड है।
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