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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 09, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बच्चियों का जीवन रोशन करने वाली बीबी प्रकाश कौर को पद्मश्री, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने किया अलंकृत

By Vinay KumarEdited By:
Published: Tue, 09 Nov 2021 11:22 AM (IST)Updated: Tue, 09 Nov 2021 01:45 PM (IST)

जालंधर की बीबी प्रकाश कौर को मंगलवार को राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द ने समाजसेवा व अनाथ बच्चियों का भविष्य संवारने ...और पढ़ें

नई दिल्ली में बीबी प्रकाश कौर को पद्मश्री से सम्मानित करते राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद। फोटो -ट्विटर
नई दिल्ली में बीबी प्रकाश कौर को पद्मश्री से सम्मानित करते राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद। फोटो -ट्विटर

संवाद सहयोगी, जालंधर। जालंधर की बीबी प्रकाश कौर जालंधर ही नहीं बल्कि पूरे पंजाब का नाम रोशन किया है। मंगलवार को राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द ने समाजसेवा व अनाथ बच्चियों का भविष्य संवारने के लिए पद्मश्री अवार्ड से सम्मानित किया। वह अनाथ बच्चियों को अपनाती हैं और उन पर मां की ममता बरसाती हैं। समाज में लड़कियों के साथ हो रहे दुर्व्‍यवहार एवं अत्याचार को जड़ से खत्म करने में लगी प्रकाश कौर दो दशक से ज्यादा समय से यूनीक होम (Unique Home) चला रही है। वह मां-बाप द्वारा ठुकराई, सड़कों के किनारे एवं झाड़ियों में फेंकी गई लड़कियों को अपने पास रखती हैं। उनके पालन पोषण से लेकर पढ़ाई तक की पूरी सेवा करती हैं।

बीबी प्रकाश कौर यूनीक होम में रह रही बच्चियों का बेटियों की तरह ध्यान रखती है और उनकी शादियां भी खुद ही करवाती हैं। कई बार मां-बाप खुद ही नन्हीं बच्चियों को रात के अंधेरे में यूनीक होम में छोड़ जाते हैं। इस तरह से बच्चियों से मां-बाप का मुंह फेरना और उन्हें छोड़ जाना उन्हें बहुत दुख पहुंचाता है। वह कहती हैं कि बेटियों को यूं फेंको मत, मुझे लाकर दो। उनकी इसी सोच और समाज के प्रति प्यार और लड़कियों के प्रति स्नेह भाव को देखते हुए ही आज उन्हें अवार्ड से सम्मानित किया गया।

रिलायंस ग्रुप की नीता अंबानी उन्हें रियल हीरो के अवार्ड से सम्मानित कर चुकी हैं। कनाडा के रक्षा मंत्री हरजीत सज्जन भी यूनिक होम में आ चुके हैं और उनके द्वारा किए जा रहे कामों को सराहा है। पहले उन्होंने अवतार नगर में माडल हाउस रोड पर यूनीक होम नामक संस्था बनाकर अनाथ बच्चियों को अपनाना शुरू किया था। उसके बाद धीरे-धीरे संख्या बढ़ती गई। देश व विदेश की तमाम संस्थाओं की तरफ से आर्थिक सहायता भी आनी लगी। इसके बाद उन्होंने नकोदर रोड पर भी नए सिरे से यूनिक होम का निर्माण करवा लिया है।