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Asian Games 2026: जालंधर के गुरिंदरवीर 10.38 सेकेंड में 100 मीटर दौड़कर सेमीफाइनल में पहुंचे, कल ही होगा फाइनल

Published: Thu, 24 Sep 2026 06:39 PM (IST)

जालंधर के भोगपुर निवासी गुरिंदरवीर सिंह ने एशियाई खेलों की 100 मीटर दौड़ में 10.38 सेकेंड का समय निकालकर दूसरा स्थान हासिल किया और सेमीफाइनल में पहुंचे।

भारतीय धावक गुरिंदरवीर सिंह।

भारतीय धावक गुरिंदरवीर सिंह।

HighLights

  1. गुरिंदरवीर सिंह एशियाई खेलों की 100 मीटर दौड़ के सेमीफाइनल में पहुंचे।

  2. हीट में 10.38 सेकेंड का समय निकालकर दूसरा स्थान प्राप्त किया।

  3. शुक्रवार को होंगे सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबले, पदक की उम्मीद।

जागरण संवाददाता, जालंधर। जालंधर के भोगपुर निवासी भारतीय धावक गुरिंदरवीर सिंह ने एशियाई खेलों में शानदार शुरुआत करते हुए 100 मीटर दौड़ के सेमीफाइनल में जगह बना ली है। गुरुवार को हुई पुरुषों की 100 मीटर दौड़ की चौथी हीट में गुरिंदरवीर ने 10.38 सेकेंड का समय निकालकर दूसरा स्थान हासिल किया। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने अगले दौर में प्रवेश कर लिया। सेमीफाइनल और फाइनल दौड़ शुक्रवार को होंगी।

गुरिंदरवीर के सेमीफाइनल में पहुंचने से भोगपुर और जालंधर में उनके परिवार व खेल प्रेमियों में खुशी का माहौल है। मई में फेडरेशन कप में उन्होंने 10.09 सेकेंड का समय निकालकर राष्ट्रीय रिकार्ड बनाया था। वह 100 मीटर में 10.10 सेकेंड से कम समय निकालने वाले पहले भारतीय धावक बने थे।

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फेडरेशन कप में बनाया था राष्ट्रीय रिकार्ड

रांची में आयोजित फेडरेशन कप में गुरिंदरवीर ने 100 मीटर दौड़ में 10.09 सेकेंड का समय निकालकर स्वर्ण पदक जीता था। इससे पहले उन्होंने प्रतियोगिता के सेमीफाइनल में 10.17 सेकेंड का समय निकालकर राष्ट्रीय रिकार्ड बनाया था, जिसे फाइनल में और बेहतर करते हुए 10.09 सेकेंड कर दिया।

इसके बाद जुलाई में ग्लासगो में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में गुरिंदरवीर 100 मीटर की हीट में 10.39 सेकेंड का समय निकालकर दूसरे स्थान पर रहे थे, लेकिन उनका समय सेमीफाइनल के लिए पर्याप्त नहीं रहा। वह कुल 28वें स्थान पर रहे थे।

एशियाई खेलों में अब बड़ी चुनौती

गुरिंदरवीर के सामने अब सेमीफाइनल में बेहतर समय निकालकर फाइनल में जगह बनाने की चुनौती है। इस बार 10.38 सेकेंड के समय के साथ उन्होंने अगले दौर का टिकट हासिल किया है। राष्ट्रीय रिकार्ड के आधार पर उनसे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। हालांकि सेमीफाइनल में उन्हें अन्य तेज धावकों के बीच अपनी जगह बनाने के लिए पूरी ताकत लगानी होगी।

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लावी पिंटो के बाद इतिहास रचने का मौका

गुरिंदरवीर के पास 100 मीटर में एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास में नाम दर्ज कराने का मौका है। वर्ष 1951 में नई दिल्ली में हुए पहले एशियाई खेलों में लावी पिंटो ने पुरुषों की 100 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीता था। भारतीय ओलंपिक संघ और भारतीय एथलेटिक्स महासंघ के अभिलेखों में पिंटो के उस स्वर्ण पदक की पुष्टि होती है।

पिता बोले, मौसम नहीं रोकता अभ्यास

गुरिंदरवीर के पिता कमलजीत सिंह बताते हैं कि वह स्वयं भी वालीबाल के खिलाड़ी रह चुके हैं। उन्होंने कहा कि बेटे का सपना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के लिए पदक जीतना है। इसी लक्ष्य को लेकर गुरिंदरवीर गर्मी, सर्दी और बारिश की परवाह किए बिना अभ्यास करता रहा है।

कमलजीत सिंह के अनुसार कोविड काल में भी जब बाहर निकलकर अभ्यास करना मुश्किल था, तब गुरिंदरवीर ने घर पर ही अभ्यास जारी रखा। उनका कहना है कि बेटे ने अपने लक्ष्य को कभी नहीं छोड़ा और लगातार मेहनत करता रहा है।

गुरिंदरवीर के वरिष्ठ कोच सरबजीत सिंह हैप्पी ने बताया कि गुरिंदरवीर ने सेमीफाइनल में जगह बना ली है। शुक्रवार को सेमीफाइनल और फाइनल दौड़ होगी। अब सभी की नजरें इस बात पर रहेंगी कि जालंधर का यह धावक अगले दौर में कैसा प्रदर्शन करता है।

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