Adampur Airport News: पौने चार वर्ष बाद भी नहीं बना एयरपोर्ट का टर्मिनल, बंद पड़ी हैं दिल्ली, मुंबई के उड़ानें
नया टर्मिनल 6000 वर्ग मीटर में बनाया जा रहा है। इसके बनने पर दो एयरबस या बोइंग विमानों का आवागमन एक ही समय में हो सकेगा। एक साथ 300 यात्रियों के बैठने के अलावा पार्किंग कैफेटेरिया जैसी अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।

मनुपाल शर्मा, जालंधर। पौने चार वर्ष बीत जाने के बावजूद आदमपुर सिविल एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का काम निपट नहीं पाया है। नए टर्मिनल के संचालन के लिए अति जरूरी टैक्सी ट्रैक का निर्माण तो शुरू ही नहीं हो पाया है। टैक्सी ट्रैक के जरिये ही रनवे को टर्मिनल की नई इमारत के साथ जोड़ना है। हालांकि कुछ अरसा पहले टैक्सी ट्रैक के निर्माण के लिए निजी कंपनी को काम अलाट किया गया है।
आदमपुर सिविल एयरपोर्ट से सिविल फ्लाइट का संचालन 2018 में शुरू किया गया था और मेकशिफ्ट अरेंजमेंट के तहत एक छोटा टर्मिनल बनाया गया था। छोटे टर्मिनल में मात्र 75 यात्रियों के बैठने की क्षमता थी, इस वजह से बड़े विमान का संचालन संभव नहीं था। यात्रियों के बैठने की क्षमता को बढ़ाने एवं बड़े विमानों के संचालन को वहन करने के उद्देश्य से नए टर्मिनल का निर्माण कार्य वर्ष 2019 में शुरू किया गया था। इसे एक वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य था।
नए टर्मिनल में होंगी ये सुविधाएं
नया टर्मिनल 6000 वर्ग मीटर में बनाया जा रहा है। इसके बनने पर दो एयरबस या बोइंग विमानों का आवागमन एक ही समय में हो सकेगा। नए टर्मिनल निर्माण में टैक्सी ट्रैक, विमानों को खड़ा करने के लिए एप्रन, 300 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था, डेढ़ सौ वाहनों को खड़ा करने की क्षमता वाला पार्किंग एरिया, एयरलाइन ऑफिस, एयरपोर्ट अथॉरिटी आफ इंडिया (एएआइ) आफिस, कैफेटेरिया आदि बनाए जाने हैं।
सांसद संतोख सिंह की निगरानी के बावजूद हो रही देरी
खास यह है कि सांसद चौधरी संतोख सिंह के नेतृत्व में टर्मिनल निर्माण के लिए बनाई गई कमेटी कई बार निर्माण स्थल का दौरा कर चुकी है और हर बार टर्मिनल के निर्माण के लिए दी जाने वाली अंतिम समय अवधि निकल जाती है और टर्मिनल का निर्माण निपट ही नहीं पा रहा है। टैक्सी ट्रैक का काम शुरू होने को लेकर एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के आदमपुर के अधिकारियों के पास भी कोई पुख्ता जानकारी नहीं है।
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