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सरपंच पत्नी के निलंबन पर भड़के होशियारपुर बार एसोसिएशन प्रधान, मंत्री पर लगाए गंभीर आरोप

Published: Sat, 17 Oct 2026 07:00 AM (IST)

होशियारपुर के गांव कक्कों की सरपंच के निलंबन को लेकर सियासी घमासान मच गया है। सरपंच के पति व जिला ...और पढ़ें

जानकारी देते हुए बार एसोसिएशन के प्रधान।

जानकारी देते हुए बार एसोसिएशन के प्रधान।

HighLights

  1. बार प्रधान ने सरपंच पत्नी के निलंबन पर सवाल उठाए।

  2. कैबिनेट मंत्री और प्रशासन पर राजनीतिक दखल का आरोप।

  3. निष्पक्ष कार्रवाई न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी।

जागरण संवाददाता, होशियारपुर। लोगों को इंसाफ दिलाने वाले जिला बार एसोसिएशन होशियारपुर के प्रधान एडवोकेटशमशेर भारद्वाज खुद इंसाफ के लिए भटकने को मजबूर हैं। उनकी पत्नी अनीता रानी कक्कों गांव की सरपंच हैं और अक्टूबर 2024 में 104 वोटों के अंतर से निर्वाचित हुई थीं। उनका आरोप है कि राजनीतिक रंजिश केचलते उनकी पत्नी को निलंबित करवा दिया गया था।

सात सदस्यों के समर्थन के बावजूद किसी सदस्य को चार्ज देने संबंधी आदेश पर अमल नहीं हुआ। उन्होंने कैबिनेट मंत्री और जिला प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।

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अकाली दल से जुड़ा है परिवार

होशियारपुर में पत्रकारों से बातचीत में शमशेर भारद्वाज ने कहा कि वह अकाली दल बादल से जुड़े हैं।  मंत्री उन्हें आप में शामिल होने का दबाव बना रहे थे। उनके इंकार करने के बाद रंजिशन उनकी पत्नी को सरपंच पद से निलंबित करवाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली पंचायत के कार्यकाल में पानी के बिलों से हर महीने करीब 50 हजार रुपये एकत्र किए जाते थे।

नई पंचायत बनने के बाद जब उन्होंने आय-व्यय का हिसाब मांगा तो पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया गया। इसके बाद शिकायतों का सिलसिला शुरू हो गया।उन्होंने बताया कि यह भी नियम है कि सरपंच के निलंबित होने की सूरत में समर्थन प्राप्त पंच को सरपंच की जिम्मेदारी सौंपी जाती है।

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9 में से 7 पंच उनके हक में

नौ में से सात पंच उनके पक्ष में हैं, बावजूद इसके ऐसा नहीं किया जा रहा है। उन्होंने मंत्री डॉ. रवजोत सिंह पर कथित राजनीतिक दखल और प्रशासन पर दबाव में काम करने के आरोप लगाए। बीडीपीओ कार्यालय के एक कर्मचारी पर भी पंचायतों के बिल पास करने के बदले कथित तौर पर प्रतिशत मांगने का आरोप लगाया गया।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन का अगला चरण शुरू किया जाएगा। शमशेर भारद्वाज ने बताया कि सरपंच के निलंबन के खिलाफ अपील की जा चुकी है और कानूनी प्रक्रिया के फैसले का पालन किया जाएगा।

20 अक्टूबर के बाद संघर्ष की चेतावनी

शमशेर भारद्वाज के साथ शिरोमणि अकाली दल बादल के जिला प्रधान संजीव तलवाड़, वरिष्ठ अकाली नेता जतिंदर सिंह लाली बाजवा और हलका शामचौरासी से शिअद इंचार्ज संदीप सीकरी भी मौजूद थे। इन नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर उन्हें इंसाफ नहीं मिला तो 20 अक्टूबर को दशहरा के बाद बडे स्तर पर संघर्ष छेड़ा जाएगा। होशियारपुर-दसूहा मार्ग जाम किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।

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