Asian Games 2026: बंदूक थामी, निशाना साधा; होशियारपुर के नीरज ने एशियन गेम्स में शूटिंग में जीता रजत
बहमावा के नीरज कुमार ने जापान में आयोजित एशियन गेम्स की शूटिंग स्पर्धा में रजत पदक जीता। भारतीय नौसेना में तैनात नीरज ने कठिन परिस्थितियों में प्रशिक्षण लिया।

नीरज अपने मेडल को दिखाते हुए।
HighLights
नीरज कुमार ने एशियन गेम्स शूटिंग में रजत पदक जीता।
वह होशियारपुर के बहमावा गांव से हैं, भारतीय नौसेना में कार्यरत।
बचपन से शूटिंग का जुनून, कड़ी मेहनत से अंतरराष्ट्रीय सफलता पाई।
हजारी लाल, होशियारपुर। गांव की सीमित सुविधाओं से निकलकर अंतरराष्ट्रीय खेल मंच तक पहुंचना आसान नहीं होता, लेकिन जिले के बहमावा के नीरज कुमार ने अपने निशाने से यह दूरी तय कर दिखाई। भारतीय नौसेना में तैनात नीरज ने जापान में आयोजित Asian Games 2026 की शूटिंग स्पर्धा में रजत पदक जीतकर परिवार, गांव और होशियारपुर का नाम रोशन कर दिया।
पदक जीतने की खबर गांव पहुंचते ही परिवार के साथ ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई। जिला वासियों को मान है कि नीरज ने पहले बंदूक थामी...। फिर निशाना साधा...। और अब एशिया में तिरंगा ऊंचा कर दिया।
नीरज के पिता सेवानिवृत्त कैप्टन रविंदर सिंह बताते हैं कि बेटे को बचपन से ही शूटिंग का जुनून था। 12वीं की पढ़ाई सर्वहितकारी विद्या मंदिर तलवाड़ा से करने के दौरान उसने एनसीसी भी ज्वाइन की। बेटे की रुचि को देखते हुए पिता ने जालंधर से राइफल दिलाई। इसके बाद नीरज ने लक्ष्य तय किया और अभ्यास में जुट गया।

होशियारपुर में परिवार खुशियां मनाते हुए।
दिल्ली से लिया प्रशिक्षण
रविंदर सिंह के मुताबिक आसपास शूटिंग की कोई बेहतर अकादमी नहीं थी। लोगों ने यह कहकर हतोत्साहित भी किया कि शूटिंग महंगा खेल है और इसमें सरकार से पर्याप्त सहायता नहीं मिलती। परिवार ने इसके बावजूद बेटे का साथ नहीं छोड़ा।
नीरज को प्रशिक्षण के लिए दिल्ली भेजा गया, जहां उसने कड़ी मेहनत और लगातार अभ्यास किया। पिता को विश्वास था कि बेटे में कुछ कर गुजरने की ललक है। उनका यही भरोसा अब एशियन गेम्स के रजत पदक में बदल गया है।
भारतीय नौसेना भर्ती के बाद भी नहीं छोड़ी प्रेक्टिस
भारतीय नौसेना में भर्ती होने के बाद भी नीरज ने शूटिंग को नहीं छोड़ा। नौकरी की जिम्मेदारियों के बीच अभ्यास जारी रखा और अब अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक हासिल किया। नीरज की मां ललिता देवी बेटे की उपलब्धि से गदगद हैं। उनका कहना है कि संसाधनों की कमी रास्ता रोक सकती है, लेकिन मेहनत और लक्ष्य के सामने यह कमी बड़ी नहीं होती।
नीरज की टीम ने 1762 अंक प्राप्त किए
नीरज कुमार, ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर और रुद्राक्ष पाटिल की भारतीय तिकड़ी ने बेहतरीन तालमेल और सटीक निशानों की बदौलत कुल 1762 अंकों का स्कोर खड़ा किया और पोडियम पर दूसरा स्थान हासिल किया।
कड़े मुकाबले में चीन की टीम ने 1766 अंकों के साथ गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया, जबकि दक्षिण कोरिया ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। नीरज के इस शानदार प्रदर्शन और उपलब्धि ने शूटिंग जगत में उनकी एक मजबूत पहचान दर्ज कराई है।
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दो भाइयों ने चुना देशसेवा का रास्ता
नीरज का भाई साहिल कुमार भी भारतीय सेना में सेवाएं दे रहा है। एक भाई सेना में और दूसरा नौसेना में रहते हुए देशसेवा के साथ खेल के मैदान में भी पहचान बना रहा है। नीरज के रजत पदक की खबर से उनके स्कूल और गांव में भी खुशी का माहौल है। नीरज फिलहाल प्रतियोगिता के बाद घर नहीं लौटे हैं, लेकिन उनके पदक ने बहमावा में पहले ही जश्न की दस्तक दे दी है।
