वशिष्ठ गोत्र की कुलदेवी के मंदिर में लगाया भंडारा
जागरण प्रतिनिधि, गढ़दीवाला
गाव सवार में स्थित मकड़े वंशावली वशिष्ट गोत्र की कुलदेवी के मंदिर परिसर में वार्षिक भंडारे का आयोजन किया गया। इस उपलक्ष मे सर्वप्रथम पंडित प्रकाश चंद शास्त्री जी ने मंत्रोच्चारण के बीच हवनकुंड में आहूतियां डलवाई। उसके बाद कुलदेवी के दरबार मे ध्वज क ो स्थापित करने की परंपरा के बाद एक धार्मिक समारोह का आयोजन किया गया। इसमें बाबा नंदलाल आश्रम के स्वामी विक्रम देव जी ने आपने प्रवचनों के माध्यम से कहा कि भारतीय संस्कृति में व्यावहारिक जीवन को सुख शातिपूर्वक व्यतीत करने के लिए अनेक व्यवस्थाएं की गई है। उन्होंने कहा कि मानव के जन्म से लेकर मृत्यु सोलह संस्कारों के माध्यम से जो संस्कार दिए गए वह मानव जीवन को व्यवस्थित रूप से संचालित करने के लिए ही है, लेकिन मानव वर्तमान समय मे मोह-माया के जाल मे उलझ कर इन संस्कारों को भूल जिस मोह माया में वह सुख को ढूंढ रहा है। असल में वही मोह माया मानव के दुखों का कारण है। इस दौरान उन्होंने अपने मधुर संर्कीतन से संगतों को भाव-विभोर कर दिया। इस मौके पर शास्त्रीय संगीत के माहिर सत्यपाल शास्त्री जी, धर्मपाल शर्मा, मनमोहन शर्मा एवं अनिरुद्ध कपिल ने भी अपने भजनों से लोगों को निहाल किया। इस समारोह में बिरादरी के दो वयोवृद्ध रोशन लाल एवं रामदुलारी को कुलदेवी मंदिर की गई सेवाओं व देख रेख करने पर उनको विशेष तौर पर सम्मानित किया गया। धार्मिक समारोह की समाप्ति के बाद एक विशाल भंडारे का आयोजन भी किया गया। इसमें दिल्ली, मेरठ, चंडीगढ़, रोपड़, लुधियाना, होशियारपुर, पठानकोट, मुकेरियां, मल्हाडी, संघवाल, डडियाला, मौली, जम्मू, सिव्वोचक, गढ़दीवाला एवं हाजीपुर से आई संगतों ने प्रसाद ग्रहण करके कुलदेवी मा का आशीर्वाद प्राप्त किया।
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