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    खतरे के निशान से ऊपर पहुंचे भाखड़ा व पौंग बांध, ब्यास व सतलुज नदी से सटे इलाकों में और बिगड़े हालात

    Updated: Fri, 29 Aug 2025 10:42 AM (IST)

    हिमाचल प्रदेश में भारी वर्षा के कारण भाखड़ा और पौंग बांधों में जलस्तर खतरे के निशान तक पहुँच गया है जिसके चलते फ्लड गेट खोले गए हैं। इससे ब्यास और सतलुज दरिया से सटे इलाकों में बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो गई है। गुरदासपुर और पठानकोट जिलों में हालात में कुछ सुधार हुआ है लेकिन कई इलाके अभी भी जलमग्न हैं।

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    ब्यास व सतलुज नदी से सटे इलाकों में और बिगड़े हालात। फोटो जागरण

    जागरण टीम, होशियारपुर/गुरदासपुर/फिरोजपुर/फाजिल्का। हिमाचल प्रदेश में वर्षा के कारण भाखड़ा (1,672 फीट) व पौंग बांध (1,393 फीट) में जलस्तर वीरवार को खतरे के निशान तक पहुंच गया। इस कारण दोनों बांधों के फ्लड गेट तीन फीट तक और खोल दिए गए हैं। अब कुल चार फीट तक गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है।

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    इससे पहले से ही बाढ़ से प्रभावित ब्यास व सतलुज दरिया से सटे इलाकों में हालात और बिगड़ गए हैं। पठानकोट के शाहपुरकंडी स्थित रणजीत सागर डैम का जलस्तर खतरे के निशान से कम हो गया है। माधोपुर हेडवर्क्स के बुधवार को चार गेट टूट गए थे।

    इससे रावी में पानी तेजी से बढ़ा और गुरदासपुर व अमृतसर से सटी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर कंटीली तार और बीएसएफ की अग्रिम चौकियां बाढ़ की चपेट में आ गई हैं। जवानों को पिछली चौकियों पर तैनात कर दिया गया है। गुरदासपुर और पठानकोट जिले बुधवार को बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित थे। एक दिन बाद वहां हालात में कुछ सुधार हुआ है।

    यहां पानी करीब दो फीट तक कम हो गया है। हालांकि कई इलाकों में अब भी आठ फीट तक पानी भरा है। पठानकोट-जालंधर राष्ट्रीय राजमार्ग चक्की पुल बंद होने के कारण पांचवें दिन भी नहीं खुल पाया है। माधोपुर के पास रेल पुल के पिलरों को नुकसान होने से वीरवार को दूसरे दिन भी जम्मू रेलमार्ग पर ट्रेनें प्रभावित रहीं।

    बाढ़ प्रभावित गुरदासपुर, पठानकोट, तरनतारन, फिरोजपुर, फाजिल्का व कपूरथला जिलों में स्थानीय प्रशासन के अलावा सेना, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें लगातार राहत व बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।

    सेना ने हेलिकाप्टर से निकाले लोग

    सेना व वायुसेना के हेलिकाप्टर की मदद से दूर के क्षेत्रों में फंसे लोगों को निकाला जा रहा है। घरों की छत पर बैठे लोगों तक ड्रोन से खाद्य सामग्री पहुंचाई जा रही है।

    रेस्क्यू: 5290 लोगों को बचाया गया

    वीरवार को 5,290 लोगों को बचाया गया। गुरदासपुर में 2,000, अमृतसर में 710, फिरोजपुर में 2,000, कपूरथला में 480 लोग बचाए गए। वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने संगरूर, मंत्री बरिंदर गोयल ने फिरोजपुर व फाजिल्का, मोहिंदर भगत ने सुल्तानपुर लोधी, हरभजन सिंह ईटीओ ने ब्यास क्षेत्र में राहत कार्य देखे।

    सीएम मान ने राहत कार्यों में तेजी लाने के दिए निर्देश

    मुख्यमंत्री भगवंत मान वीरवार को ब्यास पहुंचे। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत व बचाव कार्य के लिए फंड की कोई कमी नहीं है। उन्होंने डिप्टी कमिश्नरों को राहत और बचाव कार्यों में और तेजी लाने के आदेश दिए और लोगों को हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया।

    कहा, प्रदेश सरकार संकट की घड़ी में लोगों को बचाने के लिए वचनबद्ध है। वहीं, मुख्यमंत्री, सभी मंत्रियों, विधानसभा के स्पीकर व आप के सभी विधायकों ने बाढ़ प्रभावित पीड़ितों की मदद के लिए अपना एक महीने का वेतन दान करने की घोषणा की है।