हादसा रात करीब 11 बजे हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों वाहन तेज रफ्तार से जा रहे थे। हरदोछन्नी रोड बाइपास चौक का मोड़ काटते समय दोनों वाहनों की आपस में टक्कर हो गई। टक्कर के बाद स्कार्पियो चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और गाड़ी सड़क किनारे खड़े पेड़ से जा भिड़ी। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई।
यह भी पढ़ें- उत्तराखंड के रामनगर में आधी रात सड़क पर उतरा गुलदारों का कुनबा, गाड़ियों की रोशनी में खेलते दिखे शावक
मृतक के दो छोटे बच्चों का पिता
मृतक की पहचान सतवंत सिंह उर्फ बाऊ, निवासी नवीं कठियाली के रूप में हुई है। उसकी उम्र करीब 35 वर्ष बताई गई है। बताया जाता है कि वह दो छोटे बच्चों का पिता था। हादसे में दूसरी गाड़ी में सवार सुखविंदर सिंह निवासी गांव बथवाला बेरियां और गुरप्रीत सिंह निवासी गांव परसों के पिंड घायल हुए हैं। दोनों को उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
चिकित्सकों के अनुसार सुखविंदर सिंह की हालत स्थिर बनी हुई है, जबकि गुरप्रीत सिंह की हालत गंभीर बताई जा रही है। दोनों का उपचार चल रहा है और चिकित्सकों की टीम उनकी लगातार निगरानी कर रही है।
पुलिस ने शुरू की जांच
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों वाहनों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि दुर्घटना किस वाहन की लापरवाही के कारण हुई। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और मोड़ काटते समय बरती गई लापरवाही को हादसे की प्रमुख वजह माना जा रहा है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि टक्कर के बाद आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। लोगों ने गाड़ियों में फंसे घायलों को बाहर निकाला और एंबुलेंस को सूचना दी। इसके बाद घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
यह भी पढ़ें- LPU में छात्राओं के प्रदर्शन के बाद अज्ञात के खिलाफ FIR, यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच करेगी SIT
सिग्नल लाइट लगाने की मांग
हरदोछन्नी बाइपास चौक पर हुए हादसे के बाद स्थानीय दुकानदारों और निवासियों ने प्रशासन से चौक की व्यवस्था सुधारने की मांग की है। लोगों का कहना है कि इस चौक पर पहले भी कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद यहां यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार चौक पर न तो सिग्नल लाइटें लगी हैं और न ही यातायात पुलिसकर्मियों की नियमित तैनाती रहती है। मोड़ पर दोनों दिशाओं से आने वाले वाहनों को एक-दूसरे का सही अंदाजा नहीं लग पाता। तेज रफ्तार वाहन चालक पहले निकलने की कोशिश करते हैं, जिससे टक्कर का खतरा बना रहता है।