रवि कुमार, गुरदासपुर

कभी सर्द और कभी गर्म मौसम होने के चलते लोग बीमार हो रहे है। मौसम में आए बदलाव के कारण रोजाना ही सिविल अस्पताल में खांसी, जुकाम, सर्दी, गला खराब जैसी बीमारियों के 15 से 20 केस पहुंच रहे है। अस्पताल में अपना इलाज के लिए पहुंच रहे लोगों को डाक्टरों द्वारा इससे बचाव के लिए जानकारी भी दी जा रही है। भीषण गर्मी और उमस पड़ने के बाद लगातार बारिश होने के चलते एकदम से मौसम में बदलाव आया है। मौसम में बदलाव आने से लोग उक्त बीमारियों का शिकार हो रहे है।

दोपहर में गर्म हवा और रात में हल्की ठंडक होने से लोग बीमार हो रहे हैं। कई बार लोग गर्मी लगने पर ठंडे पेय या फ्रिज का पानी पी लेते हैं। ये भी बीमारी का बड़ा कारण है। बड़ों के साथ बच्चे भी वायरल की चपेट में आ रहे हैं। इस मौसम में वैसे तो सभी विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों को खास एहतियात बरतने की जरूरत है। हालांकि चिकित्सकों का कहना है कि बदलते मौसम में रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है। ऐसे में सर्दी, जुकाम और बुखार जकड़ लेता है। यदि ऐसी बीमारी नजर आए तो उसे अनदेखा करने की बजाए तुरंत डाक्टर के पास जाना चाहिए।

खानपान के मामले में खास ध्यान देने की जरूरत : एसएमओ

सिविल अस्पताल गुरदासपुर की एसएमओ डा. चेतना का कहना है कि ऐसे मौसम में खानपान और रहन-सहन के मामले में खास ध्यान देने की जरूरत है। ऐसे में फ्रिज का पानी नुक्सानदेह हो सकता है। उन्होंने बताया कि मौसम के बदलाव के कारण आज-कल ओपीडी की भी संख्या बढ़ने लगी है। रोजाना ही करीब 15 से 20 मरीज सर्दी खांसी, जुकाम, वायरल आदि से पीड़ित आ रहे है। बच्चों का रखें ध्यान

लगातार तापमान के उतार चढ़ाव के कारण सबसे अधिक छोटे बच्चे प्रभावित हो रहे हैं। कभी सर्द तो कभी गर्म मौसम होने के कारण सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार जैसी बीमारियां लोगों को परेशान कर रही हैं। सबसे पहले बच्चे इनकी चपेट में आते हैं। बीमारियों से बचाने के लिए बच्चों के कपड़ों को साफ रखना चाहिए। इसके साथ ही हरी सब्जियों को फ्रीज में अधिक देर तक ना रखें और फ्रीज का ठंडा पानी का सेवन ना करें।

ये सावधानी बरतें

- बदलते मौसम में संक्रमण का खतरा ज्यादा होता है।

- पौष्टिक आहार लेना चाहिए, इससे प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।

- खानपान का विशेष ध्यान रखें, पर्याप्त पानी पीना चाहिए।

- ठंडे पदार्थों का सेवन भी कई बार बुखार का कारण बन जाता है।

- सिर दर्द या बुखार महसूस हो तो विशेषज्ञ चिकित्सक की सलाह से ही दवा लें।

- सुबह की सैर के साथ-साथ नियमित योग करना चाहिए।

Edited By: Jagran