सर्द हवाओं में मच्छरों का आतंक! गुरदासपुर में दो हफ्तों में डेंगू के 10 नए केस, अलर्ट पर स्वास्थ्य विभाग
गुरदासपुर जिले में सर्दी के बावजूद डेंगू के मामले बढ़ रहे हैं। पिछले दो हफ़्तों में दस नए मामले सामने आए हैं, जिससे स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। टीमें मच्छरों के प्रजनन स्थलों की जांच कर रही हैं और लोगों को जागरूक कर रही हैं। डेंगू से बचाव के लिए पानी जमा न होने दें और पूरी सावधानी बरतें।

सर्द हवाओं में मच्छरों का आतंक! गुरदासपुर में 10 नए केस, अलर्ट पर स्वास्थ्य विभाग (प्रतीकात्मक फोटो)
जागरण संवाददाता, गुरदासपुर। जिले में सर्दी का मौसम होने के बावजूद डेंगू के मामले सामने आ रहे हैं। पिछले दो सप्ताह में डेंगू के दस नए मामले दर्ज किए गए हैं, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है।
हालांकि वर्तमान में सक्रिय मामलों की संख्या छह है, लेकिन मच्छरजनित इस बीमारी के प्रसार को रोकने के लिए विभागीय टीमें लगातार काम कर रही हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें निरंतर मच्छरों के प्रजनन स्थलों की जांच और लोगों को जागरूक करने में जुटी हुई हैं। डेंगू रोकथाम के लिए दवा छिड़काव का काम भी चल रहा है।
जिला एपिडेमियोलाजिस्ट डा. गुरप्रीत कौर के अनुसार अब तक 6,53,574 घरों की जांच की जा चुकी है, जिनमें से 3,788 घरों में मच्छरों के लार्वा पाए गए हैं। इसके अलावा 9,59,902 कंटेनरों की जांच में से 4,296 कंटेनरों में मच्छरों का प्रजनन पाया गया।
उन्होंने बताया कि डेंगू एक मच्छरजनित वायरल बीमारी है, जो एडीज इजिप्टी मच्छर के काटने से फैलती है। यह मच्छर आमतौर पर दिन के समय काटता है और साफ पानी में प्रजनन करता है।
डेंगू के प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पिछले हिस्से में दर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में तेज दर्द, जी मिचलाना और उल्टी, त्वचा पर लाल चकत्ते, थकान और कमजोरी शामिल हैं।
गंभीर मामलों में प्लेटलेट्स तेजी से गिरते हैं और रक्तस्राव की समस्या हो सकती है। ऐसे में तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेना आवश्यक है। डा. गुरप्रीत ने बताया कि सर्दी के मौसम में भी डेंगू के मामलों का सामने आना चिंता का विषय है।
स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों के साथ-साथ लोगों की सक्रिय भागीदारी भी डेंगू पर नियंत्रण पाने के लिए आवश्यक है। थोड़ी सी सतर्कता और सावधानी बरतकर इस बीमारी के प्रसार को रोका जा सकता है। डेंगू के लक्षण दिखते ही तुरंत चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए और स्व-चिकित्सा से बचना चाहिए।
डा. गुरप्रीत कौर ने बताया कि डेंगू से बचाव के लिए घर में और आसपास पानी जमा न होने दें। कूलर, गमले, टायर, बाल्टी आदि में जमा पानी को सप्ताह में कम से कम एक बार जरूर बदलें।
पानी की टंकियों को ढक कर रखें। नालियों की सफाई रखें और उनमें पानी जमा न होने दें। मच्छरों के काटने से बचने के लिए पूरी बाजू के कपड़े पहनें, मच्छरदानी का उपयोग करें, मास्किटो रिपेलेंट क्रीम या स्प्रे का इस्तेमाल करें। दिन के समय विशेष सतर्कता बरतें, क्योंकि डेंगू फैलाने वाला मच्छर दिन में काटता है।

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